
छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव 2026: मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी, जानें कब आएगी अंतिम सूची।
छत्तीसगढ़ में मई-जून 2026 में होने वाले स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियां शुरू। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने 13 अप्रैल से मतदाता सूची पुनरीक्षण के निर्देश दिए। 05 मई को होगा अंतिम प्रकाशन।
स्थानीय निकाय चुनाव 2026: मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियां तेज, राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने दिए त्रुटिरहित कार्यवाही के निर्देश
रायपुर, 10 अप्रैल 2026
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी मई-जून 2026 में होने वाले नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में निर्वाचक नामावली प्रेक्षकों की महत्वपूर्ण ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने की। आयुक्त ने अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य पूरी तरह पारदर्शी, त्रुटिरहित और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
मतदाता बनने के लिए पात्रता और अर्हता तिथि
आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय चुनाव के लिए मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए 01 अप्रैल 2026 को अर्हता तिथि (Qualifying Date) निर्धारित की गई है। इस तिथि तक जो भी नागरिक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं और जिनका नाम भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा मतदाता सूची में शामिल है, वे स्थानीय निकायों के चुनाव में मताधिकार के लिए पात्र होंगे।
महत्वपूर्ण तिथियां: पुनरीक्षण कार्यक्रम (Schedule)
| कार्यवाही का विवरण | निर्धारित तिथि |
|---|---|
| निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन | 13 अप्रैल 2026 |
| दावा-आपत्ति प्राप्त करने की अंतिम तिथि | 20 अप्रैल 2026 तक |
| दावा-आपत्तियों का निराकरण | 27 अप्रैल 2026 तक |
| अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन | 05 मई 2026 |
रिक्त पदों का विवरण: कहाँ होंगे चुनाव?
बैठक के दौरान राज्य भर में रिक्त पदों की जानकारी भी साझा की गई, जिन पर मई-जून के दौरान निर्वाचन संपन्न कराया जाना प्रस्तावित है:
1. नगरीय निकाय (Urban Bodies)
अध्यक्ष पद (आम निर्वाचन)
पार्षद पद (आम निर्वाचन)
अध्यक्ष पद (उप निर्वाचन)
पार्षद पद (उप निर्वाचन)
2. त्रिस्तरीय पंचायत (Panchayat Election)
जनपद पंचायत सदस्य
सरपंच पद
पंच पद
अधिकारियों को सख्त निर्देश
आयोग की सचिव शिखा राजपूत तिवारी ने भी बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता के साथ करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन करने या विलोपन के लिए निर्धारित प्रपत्रों का ही उपयोग किया जाए और पूरी प्रक्रिया की सघन निगरानी की जाए ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।












