
साध्वी निरंजन ज्योति का बड़ा बयान: महिला आरक्षण बिल ने दिया नारी शक्ति को सम्मान, पीएम मोदी का जताया आभार
फतेहपुर में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा- देर आए दुरुस्त आए, पीएम मोदी ने महिलाओं को उनका हक दिया।
‘देर आए दुरुस्त आए’: फतेहपुर में साध्वी निरंजन ज्योति ने महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी को दिया धन्यवाद
फतेहपुर/अंबिकापुर | प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क
फतेहपुर: राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की नवनियुक्त अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण बिल) को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने इस बिल को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक अनिवार्य और ऐतिहासिक कदम करार दिया।
साध्वी निरंजन ज्योति ने अपने संबोधन में कहा, “मुझे लग रहा है कि इसे आजादी के बाद ही तय हो जाना चाहिए था, लेकिन देर आए दुरुस्त आए। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी का मैं देश की समस्त महिलाओं की तरफ से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करती हूं।”
आधी आबादी को मिला पूरा हक
साध्वी निरंजन ज्योति, जो स्वयं पिछड़े समाज और जमीनी स्तर से उठकर राजनीति के शिखर तक पहुँची हैं, ने जोर देकर कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना किसी भी राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि दशकों से लंबित इस बिल को कानून का रूप देना प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलेगा, जिससे नीति-निर्धारण में महिलाओं की आवाज और अधिक प्रखर होगी।
पिछड़ा वर्ग आयोग की भूमिका और महिला सशक्तिकरण
हाल ही में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभालने वाली साध्वी निरंजन ज्योति ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिला को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि आरक्षण का यह प्रावधान न केवल राजनीतिक शक्ति देगा, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नींव भी रखेगा।
“यह बिल केवल सीटों का आरक्षण नहीं है, बल्कि यह करोड़ों महिलाओं के सपनों और उनके सामर्थ्य का सम्मान है।”
विपक्ष पर साधा निशाना
पुरानी सरकारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा वर्षों तक केवल फाइलों में दबा रहा। विपक्षी दलों ने इसे केवल चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल किया, लेकिन इसे हकीकत में बदलने का साहस मोदी सरकार ने दिखाया। उन्होंने कहा कि अब देश की महिलाएं आत्मनिर्भर भारत की सारथी बन रही हैं।
आगामी विशेष सत्र और क्रियान्वयन
रिपोर्ट के अनुसार, संसद के आगामी विशेष सत्र (16-18 अप्रैल 2026) के दौरान महिला आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चाएं होनी तय हैं। साध्वी निरंजन ज्योति ने उम्मीद जताई कि 2029 के चुनावों तक यह व्यवस्था पूरी तरह धरातल पर होगी, जिससे देश के लोकतंत्र का स्वरूप और अधिक समावेशी हो जाएगा।












