मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड देश में सबसे आगे, पारदर्शिता के लिए मिला स्कॉच अवार्ड: मुख्यमंत्री मोहन यादव
भोपाल: मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ी उपलब्धि का उल्लेख किया है। रवीन्द्र भवन भोपाल में आयोजित वक्फ बोर्ड के स्कॉलरशिप वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज वक्फ बोर्ड के नवाचारों के चलते पूरे देश में अग्रणी है। वक्फ संपत्तियों को ऑनलाइन करने के लिए राज्य को भारत सरकार से स्कॉच अवार्ड मिला है, जो पारदर्शी व्यवस्था का एक बड़ा उदाहरण है।
समरसता और राष्ट्र निर्माण की संस्कृति
कार्यक्रम के दौरान मोहन यादव ने रहीम और रसखान का स्मरण करते हुए कहा कि भारत मेलजोल की संस्कृति में विश्वास रखता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की जनता कानून में भरोसा रखती है, जो इसे विश्व में एक आदर्श बनाता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की जनता ने घुसपैठियों और दरिंदों को खदेड़कर अपनी राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया, जो भारत की सुदृढ़ परंपरा को दर्शाता है।
वक्फ सुधार: पारदर्शिता और सुरक्षा
मोहन यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा लाए गए नए वक्फ कानूनों ने ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। इन सुधारों के माध्यम से:
- वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा संभव हुई है।
- अतिक्रमण को रोकने में बड़ी सफलता मिली है।
- उम्मीद पोर्टल के माध्यम से संपत्तियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया गया है।
- वक्फ बोर्ड की आय में वृद्धि हुई है, जिसका लाभ अब जनहित और शिक्षा में उपयोग हो रहा है।
मोहन यादव ने घोषणा की कि वक्फ बोर्ड के नए भवन का नाम पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा जाएगा।
बेटियों की शिक्षा पर सरकार का सहयोग
मुख्यमंत्री ने स्कॉलरशिप प्राप्त करने वाले 849 विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के बेटे-बेटियां शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ें, इसके लिए राज्य सरकार पूरा सहयोग देगी। गरीब और जरूरतमंद बच्चों को मेडिकल कॉलेज तक की पढ़ाई में सहायता प्रदान की जा रही है।
अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल की पहल
मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि ‘पढ़ो-पढ़ाओ, राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो’ योजना के तहत मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में वक्फ माफियाओं पर अंकुश लगाया गया है और संपत्तियों के ऑनलाइन होने से पारदर्शिता बढ़ी है। वक्फ बोर्ड इस वर्ष अपनी संपत्तियों पर 5 लाख पौधे रोपने का भी संकल्प ले चुका है।
यह कार्यक्रम वक्फ बोर्ड के आधुनिकीकरण और अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के शैक्षिक उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।











