राजनांदगांव में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ की रिकॉर्ड प्रगति
राजनांदगांव, 26 मई 2026 – राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों में “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना में रिकॉर्ड तेजी आई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत राजनांदगांव जिले में अब तक लगभग 3500 सौर संयंत्र सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। इससे लाभांवित होने वाले घरेलू उपभोक्ता न केवल खुद बिजली का उत्पादन कर रहे हैं, बल्कि अपने मासिक बिजली बिलों से भारी राहत भी पा रहे हैं। कई घरों का बिजली बिल अब घटकर शून्य (जीरो) हो गया है।
2406 उपभोक्ताओं को मिल चुकी है सब्सिडी की राशि
योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तेजी का प्रमाण देते हुए कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने एक महत्वपूर्ण आंकड़े की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीनों जिलों के अब तक 2406 उपभोक्ताओं को केंद्र और राज्य की ओर से मिलने वाली सब्सिडी राशि का सीधा भुगतान उनके बैंक खातों में किया जा चुका है। विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के कारण नेट मीटरिंग लगते ही उपभोक्ताओं के खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से सब्सिडी ट्रांसफर की जा रही है, जिससे उन्हें बड़ी वित्तीय राहत मिली है।
पंजीकृत वेंडरों को कार्य में तेजी लाने के कड़े निर्देश
योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने जिले के सभी पंजीकृत वेंडरों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि जिन उपभोक्ताओं ने वेंडर का चयन कर लिया है और जिनकी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, उनके घरों में यथाशीघ्र और समय-सीमा के भीतर सोलर प्लांट स्थापना का कार्य पूरा किया जाए। कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे वेंडरों के कार्यों की नियमित निगरानी करें ताकि उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द योजना का लाभ मिल सके।
सोलर प्लांट से हर महीने बिजली उत्पादन के आंकड़े
1 किलोवाट का सोलर प्लांट हर महीने लगभग 120 से 150 यूनिट तक बिजली का उत्पादन होता है। 2 किलोवाट का सोलर प्लांट हर महीने लगभग 240 से 300 यूनिट तक बिजली बनती है। 3 किलोवाट का सोलर प्लांट हर महीने लगभग 360 से 450 यूनिट तक भारी मात्रा में बिजली का उत्पादन होता है। प्रमुख सरकारी और निजी बैंकों द्वारा आकर्षक और रियायती ब्याज दर पर लोन दिया जा रहा है। उपभोक्ता इस लोन को आसान मासिक किस्तों में चुका सकते हैं। बिजली बिल में होने वाली भारी बचत से ही इस लोन की किस्त आसानी से निकल जाती है। राजनांदगांव जिले में अब तक 6,052 लोगों ने आवेदन प्रस्तुत किया है। औपचारिकताएं पूर्ण करने वाले 6,045 उपभोक्ताओं में से 5,670 ने अपने वेंडर का चयन भी कर लिया है। जिसमें राजनांदगांव जिले में 2899, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 401 तथा मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में 181 उपभोक्ताओं के घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। उपभोक्ताओं को त्वरित स्वीकृति, नेट मीटरिंग और सब्सिडी ट्रांसफर का लाभ देने के लिए बिजली कंपनी द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
केंद्र और राज्य सरकार दे रही है बंपर सब्सिडी
- 1 किलोवाट प्लांट पर केंद्र से 30,000 रुपये + राज्य से 15,000 रुपये = कुल 45,000 रुपये सब्सिडी।
- 2 किलोवाट प्लांट पर केंद्र से 60,000 रुपये + राज्य से 30,000 रुपये = कुल 90,000 रुपये सब्सिडी।
- 3 किलोवाट या अधिक पर केंद्र से अधिकतम 78,000 रुपये + राज्य से 30,000 रुपये = कुल 1,08,000 रुपये की भारी सब्सिडी।
कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने 03 जिलों के उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे दीर्घकालीन बिजली बचत, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छ एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा का सीधा लाभ उठाने के लिए इस कल्याणकारी योजना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और जल्द से जल्द अपना ऑनलाइन आवेदन (pmsuryaghar.gov.in) पूरा करें।











