गरियाबंद: राष्ट्रीय अधिगम सप्ताह (साधना सप्ताह 2026) के लिए तैयारियां तेज, कलेक्टर बीएस उइके ने दिए निर्देश






गरियाबंद समाचार: राष्ट्रीय अधिगम सप्ताह और विकास कार्यों की समीक्षा

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)


राष्ट्रीय अधिगम सप्ताह (साधना सप्ताह 2026) के लिए गरियाबंद में तैयारियां तेज

कलेक्टर बीएस उइके ने अधिकारियों की बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देश

गरियाबंद, 08 अप्रैल 2026

जिले में कर्मयोगी भारत के अंतर्गत राष्ट्रीय अधिगम सप्ताह के तहत कलेक्टर बीएस उइके की अध्यक्षता में अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि साधना सप्ताह के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाए।

इस दौरान एनआईसी के उपनिदेशक नेहरू निराला ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रत्येक बारीकियों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। बैठक में अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग के महाप्रबंधक दीनबंधु ध्रुव, पंचायत विभाग के उप संचालक पद्मनी हरदेव और अंत्यावसायी के कार्यपालन अधिकारी रश्मि गुप्ता उपस्थित थे।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

सफलता की कहानी: भूमिहीन श्रमिक मया राम साहू की बदली तकदीर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से पूरा हुआ घर का सपना

गरियाबंद, 08 अप्रैल 2026

ग्राम सेम्हराडीह निवासी मया राम साहू के लिए भूमिहीन कृषक मज़दूर कल्याण योजना नई उम्मीद लेकर आई है। योजना के अंतर्गत प्राप्त 10 हजार की सहायता राशि का उपयोग वे अपने अधूरे घर को पूरा करने में कर रहे हैं। मया राम साहू इस सहयोग के लिए माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हैं।

गरियाबंद में विवाह पूर्व संवाद केंद्र का शुभारंभ

युवाओं को मिलेगा वैवाहिक जीवन से जुड़ा मार्गदर्शन

गरियाबंद, 08 अप्रैल 2026

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में विवाह पूर्व संवाद केंद्र का शुभारंभ किया गया है। विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय ने बताया कि इस केंद्र के माध्यम से युवाओं एवं भावी दंपत्तियों को आपसी समझ और पारिवारिक जीवन की तैयारी के लिए परामर्श दिया जाएगा।

इसका उद्देश्य दहेज निषेध, घरेलू हिंसा और लैंगिक समानता जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाना है ताकि एक स्वस्थ और सकारात्मक पारिवारिक जीवन की नींव रखी जा सके।