Advertisement

अंबिकापुर: शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के अपमान पर गरमाई राजनीति; कांग्रेस पर गंभीर आरोप






अंबिकापुर: शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के अपमान पर गरमाई राजनीति; कांग्रेस पर गंभीर आरोप


अंबिकापुर: क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अपमान; कांग्रेस की ‘घृणित’ राजनीति पर फूटा आक्रोश

लेखक: संतोष दास ‘सरल’
(राजनीतिक विश्लेषक)

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में एक ऐसी घटना घटी है जिसने न केवल शहर की शांति को प्रभावित किया है, बल्कि देश के गौरवशाली क्रांतिकारी इतिहास के प्रति राजनीतिक दलों की संवेदनशीलता पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। आकाशवाणी चौक पर स्थापित महान क्रांतिकारी शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद की प्रतिमा के साथ हुए व्यवहार ने आज पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।

आधी रात का ‘अपराध’: आखिर क्या हुआ बुधवार को?

घटनाक्रम के अनुसार, आकाशवाणी चौक पर शहीद चंद्रशेखर आजाद की एक भव्य प्रतिमा स्थापित की गई थी। इस प्रतिमा का औपचारिक अनावरण आज सूबे के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के कर-कमलों से होना सुनिश्चित था। प्रशासन और नगर निगम ने इसके लिए विधिवत तैयारियां की थीं और प्रतिमा को मर्यादा अनुरूप ढक कर रखा गया था।

किंतु, बीते बुधवार की मध्य रात्रि को युवक कांग्रेस के कुछ कथित कार्यकर्ताओं ने अंधेरे का लाभ उठाते हुए चोरी-छिपे उस ढकी हुई प्रतिमा को बेपर्दा कर दिया। इस कृत्य को राजनीतिक हलकों और आम जनता के बीच क्रांतिकारी आजाद का घोर अपमान माना जा रहा है। मर्यादाओं को ताक पर रखकर किए गए इस ‘बेपर्दा’ कृत्य की निंदा करते हुए इसे एक घृणित और आपराधिक घटना करार दिया गया है।

ऐतिहासिक उपेक्षा और कांग्रेस की विचारधारा पर प्रहार

राजनीतिक विश्लेषक संतोष दास ‘सरल’ के अनुसार, यह घटना मात्र एक स्थानीय राजनीतिक खींचतान नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस की उस विचारधारा का प्रतिबिंब है जिसने हमेशा क्रांतिकारियों की उपेक्षा की है। लेख में तर्क दिया गया है कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए कभी भी उन सेनानियों को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे हकदार थे।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj
WhatsApp Image 2026-09-30 at 04.12.35 (2)
Festive Birthday Tribute to Maharaja Singh Deo

माता जगरानी देवी की गुमनामी और संघर्ष की व्यथा

इतिहास के पन्नों को पलटते हुए यह कड़वा सच सामने आता है कि शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की पूज्य माता जगरानी देवी को आजादी के बाद की शुरुआती सरकारों ने किस कदर उपेक्षित रखा। 1931 में बेटे की शहादत और 1938 में पति के देहांत के बाद, वे घोर दरिद्रता में रहीं। जिस देश के लिए उनके बेटे ने सर्वोच्च बलिदान दिया, उसी आजाद भारत में 1951 तक उन्हें लकड़ियां बेचकर और मजदूरी कर अपना पेट पालना पड़ा। यह कांग्रेस सरकार की क्रांतिकारियों के परिजनों के प्रति ‘नफरत की सोच’ का ही परिणाम था।

अंबिकापुर नगर निगम: 10 साल की चुप्पी और अब विरोध क्यों?

अंबिकापुर की जनता लंबे समय से मांग कर रही थी कि शहर के मुख्य चौक पर शहीद आजाद की प्रतिमा स्थापित की जाए। विडंबना यह है कि नगर पालिक निगम अंबिकापुर में लगातार 10 वर्षों तक कांग्रेस का शासन रहा, लेकिन इस दौरान क्रांतिकारियों की स्मृति में एक पत्थर तक नहीं लगाया गया।

लेखक का आरोप है कि कांग्रेस के एजेंडे में हमेशा अपने नेताओं की मूर्तियों को स्थापित करना रहा है—जैसे बस स्टैंड में एमएस सिंहदेव की प्रतिमा—किंतु उन्हें ‘आजाद’ कभी याद नहीं आए। आज जब भारतीय जनता पार्टी की निगम सरकार ने मुख्यमंत्री के हाथों इस प्रतिमा के अनावरण का सम्मानजनक कार्यक्रम रखा, तो इसे कांग्रेस पचा नहीं पा रही है।

कठोर दंड की मांग: कानूनी धाराओं के तहत हो कार्रवाई

इस घटना की तुलना दिल्ली में हुए उस विवादित ‘इंटरनेशनल एआई सम्मिट’ के प्रदर्शन से की गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर देश की छवि धूमिल हुई थी। अंबिकापुर की इस घटना को ‘शासकीय कार्य में बाधा’ और ‘स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अपमान’ की श्रेणी में रखते हुए मांग की गई है कि दोषी युवक कांग्रेसियों पर तत्काल गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया जाए।

जनता और राजनीतिक विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि राष्ट्र के नायकों का अपमान करने वालों को समाज में कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए और प्रशासन को इसमें सख्त नजीर पेश करनी चाहिए।


शहीद चंद्रशेखर आजाद किसी पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ करना सीधे तौर पर देश की संप्रभुता और इतिहास के साथ खिलवाड़ है। अंबिकापुर की इस घटना ने साफ कर दिया है कि तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए जब मर्यादाएं लांघी जाती हैं, तो जनता उसे कभी माफ नहीं करती। प्रशासन से उम्मीद है कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच कर ‘देशभक्त क्रांतिकारी विरोधी’ तत्वों को उनके किए की सजा दिलाएगा।


Festive Hindi Greeting News Banner
WhatsApp Image 2026-10-16 at 21.37.34 (1)
WhatsApp Image 2026-10-18 at 17.22.08
WhatsApp Image 2026-10-16 at 12.30.57