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कोरबा ब्रेकिंग: सड़क सुरक्षा और नशामुक्ति पर कलेक्टर कुणाल दुदावत के कड़े निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई






कोरबा न्यूज़ अपडेट: सड़क सुरक्षा, नशामुक्ति और प्रशासन की सख्त कार्रवाई


कोरबा प्रशासन का सख्त रुख: सड़क सुरक्षा और नशामुक्ति को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत के कड़े निर्देश

1. दुर्घटना-मुक्त कोरबा: ब्लैक स्पॉट सुधार के लिए एक हफ्ते का अल्टीमेटम

जिले में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली। कलेक्टर ने निर्माण एजेंसियों को सख्त चेतावनी दी कि एक सप्ताह के भीतर ब्लैक स्पॉट्स पर पेड़ों की कटाई, रेडियम संकेतक, और सड़क मरम्मत का कार्य पूर्ण करें।

प्रमुख निर्णय: भारी वाहनों के चालकों का साल में दो बार अनिवार्य नेत्र परीक्षण होगा। हिट एंड रन पीड़ितों को 2 लाख रुपये तक की सहायता राशि का व्यापक प्रचार किया जाएगा।

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2. नशामुक्त वातावरण: शिक्षण संस्थानों के पास तंबाकू बिक्री पर बैन

नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक परिसरों के पास नशीले पदार्थ बेचने वालों के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाए। बालको क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 7 दुकानों से जुर्माना वसूला गया। कोटपा एक्ट के उल्लंघन पर सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं।

3. राजस्व पखवाड़ा और टीबी मुक्त अभियान

राजस्व पखवाड़ा (1-15 अप्रैल) के तहत कलेक्टर ने नामांतरण और बंटवारा जैसे लंबित प्रकरणों को तुरंत निपटाने को कहा। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग को टीबी उन्मूलन के लिए विशेष एक्स-रे कैंप लगाने और 7 दिनों के भीतर मानव संसाधन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राशन वितरण में सख्ती: अनियमितता बरतने पर पटपरा के दुकान संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है और दो अन्य संस्थाओं पर कार्यवाही जारी है।

4. सड़कों के लिए 5.93 करोड़ मंजूर और सुशासन फेलोशिप

उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन पर कोरबा नगर निगम की चार प्रमुख सड़कों के डामरीकरण के लिए बजट जारी कर दिया गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए “मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप” के तहत आईआईएम रायपुर में निःशुल्क एमबीए और 50 हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति का अवसर दिया जा रहा है।

5. सफलता की कहानी: सुरेखा जायसवाल बनीं ‘लखपति दीदी’

कटघोरा के ग्राम धंवईपुर की सुरेखा जायसवाल ने बिहान योजना से जुड़कर अपना श्रृंगार और किराना व्यवसाय शुरू किया। आज उनकी वार्षिक आय 1 लाख 10 हजार रुपये से अधिक है, जो अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।


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