उच्च शिक्षा एवं डिजिटल क्रांति
मध्यप्रदेश के कॉलेज विद्यार्थियों के लिए बड़ी सौगात: ‘e-GyanSetu’ YouTube Channel पर मिलेंगे उच्च गुणवत्ता वाले ई-वीडियो कंटेंट
उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार 9 सितंबर को शाम 5 बजे करेंगे शुभारंभ; क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध होंगे व्याख्यान
भोपाल: मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में उच्च शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे ई-वीडियो कंटेंट अब 9 सितंबर 2026 से आधिकारिक ‘e-GyanSetu’ YouTube Channel पर उपलब्ध होंगे। ई-वीडियो कंटेंट के इस विशाल डिजिटल संग्रह का औपचारिक शुभारंभ उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार द्वारा 9 सितंबर को शाम 5 बजे किया जाएगा। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण Google Meet तथा e-GyanSetu YouTube चैनल के माध्यम से होगा।
e-GyanSetu पहल की मुख्य विशेषताएं
- नेप (NEP-2020) के अनुरूप: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मंशा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में उच्च शिक्षा का डिजिटलीकरण।
- 10 डिजिटल स्टूडियो: प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में स्थापित अत्याधुनिक डिजिटल स्टूडियो के माध्यम से हो रहा कंटेंट निर्माण।
- विशाल वीडियो बैंक: अब तक 2,305 वीडियो की शूटिंग संपन्न; 954 से अधिक वीडियो का संपादन (एडिटिंग) कार्य पूरा।
- स्तरीय सत्यापन: वीडियो की शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए ‘Validation Board’ द्वारा कड़ा परीक्षण।
- भाषाई समावेशिता: हिंदी के साथ-साथ बघेली, बुंदेली, मराठी और संस्कृत जैसी क्षेत्रीय भाषाओं में भी वीडियो तैयार।
NEP-2020 के तहत 10 संभागीय स्टूडियो से तैयार हो रहा ई-कंटेंट
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 की भावना के अनुरूप मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार के मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी 10 संभागीय मुख्यालयों में डिजिटल स्टूडियो स्थापित किए गए हैं। इन स्टूडियो के माध्यम से स्नातक स्तर (Undergraduate level) के कला, विज्ञान, वाणिज्य सहित विभिन्न संकायों और विषयों के पाठ्यक्रमों के लिए उच्च स्तरीय वीडियो व्याख्यान तैयार किए जा रहे हैं।
ये वीडियो प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में कार्यरत अनुभवी प्राध्यापकों एवं सहायक प्राध्यापकों द्वारा तैयार किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को अपने ही शिक्षकों का मार्गदर्शन डिजिटल माध्यम से भी मिल सकेगा।
| कंटेंट निर्माण के प्रमुख आंकड़े एवं पहलू | वर्तमान स्थिति / विवरण |
|---|---|
| कुल शूट किए गए वीडियो | 2,305 वीडियो (प्रक्रिया निरंतर जारी) |
| संपादित (Edited) वीडियो | 954 वीडियो पूर्णतः तैयार |
| कवर किए गए संकाय | कला, विज्ञान, वाणिज्य और स्नातक स्तर के प्रमुख विषय |
| उपलब्ध क्षेत्रीय भाषाएं | बघेली, बुंदेली, मराठी और संस्कृत |
| गुणवत्ता जांच प्रणाली | Validation Board द्वारा विषयवस्तु और पाठ्यक्रमानुरूपता का सत्यापन |
“डिजिटल विजुअल्स और ग्राफिक्स से रोचक बनी पढ़ाई”
ई-वीडियो कंटेंट को विद्यार्थियों के लिए अधिक प्रभावी और रोचक बनाने के लिए आधुनिक ग्राफिक्स एवं डिजिटल विजुअल्स का व्यापक उपयोग किया गया है। मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री इन्दर सिंह परमार के समक्ष तैयार ई-कंटेंट का प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद उन्होंने इसे शीघ्र विद्यार्थियों के लिए प्रकाशित करने के निर्देश दिए थे।
Validation Board द्वारा परीक्षण के बाद ही होंगे अपलोड
वीडियो की प्रामाणिकता और शैक्षणिक गुणवत्ता से कोई समझौता न हो, इसके लिए विभाग ने विशेष ‘Validation Board’ का गठन किया है। यह बोर्ड तैयार किए गए प्रत्येक वीडियो की विषयवस्तु, पाठ्यक्रम से उसकी अनुकूलता और शैक्षणिक गुणवत्ता का गहराई से परीक्षण एवं सत्यापन करता है। बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद ही वीडियो को e-GyanSetu YouTube Channel पर चरणबद्ध तरीके से अपलोड किया जा रहा है।
विद्यार्थियों को अपनी गति से सीखने की मिलेगी आजादी
‘e-GyanSetu’ प्लेटफार्म पर उपलब्ध वीडियो के माध्यम से विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट से कभी भी और कहीं भी पढ़ाई कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को कठिन विषयों को बार-बार दोहराने, अपनी सीखने की गति (self-paced learning) के अनुसार अध्ययन करने और परीक्षा की तैयारी को सुदृढ़ बनाने में अभूतपूर्व मदद मिलेगी।












