बंडा अवैध शराब प्रकरण: उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने की समीक्षा, सख्त निर्देश- शराब दुकानों के स्टॉक की जांच हो और दोषियों पर बने कड़ा रुख
मुख्य बिंदु:
- उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और पुलिस कार्रवाई का लिया जायजा।
- जिले में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध और शराब दुकानों की जांच के कड़े निर्देश।
- कुल 84 मरीज उपचाररत; 1 गंभीर मरीज को एम्स भोपाल एयरलिफ्ट किया गया।
- शराब में मेथेनॉल की मिलावट के संकेत, बंडा थाने में 20 आरोपियों पर नामजद एफआईआर, 10 गिरफ्तार।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं कर रहे हैं पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग।
सागर: बंडा क्षेत्र में जहरीली/अवैध शराब के सेवन से प्रभावित हुए मरीजों के मामले में शासन-प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) सागर के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रभावितों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं और पुलिस-प्रशासन की अब तक की कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाई जाए, सभी शराब दुकानों की गहन जांच की जाए और उनके स्टॉक की निगरानी रखी जाए।
उप मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक को जिला पुलिस प्रशासन में कसावट लाने और नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने का निर्देश दिया।
84 मरीजों का चल रहा इलाज, 1 गंभीर मरीज एयरलिफ्ट
समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि अवैध शराब के सेवन से प्रभावित कुल 84 मरीज वर्तमान में विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत हैं। प्रशासन द्वारा सभी मरीजों को त्वरित और बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
| अस्पताल का नाम | भर्ती मरीजों की संख्या |
|---|---|
| बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), सागर | 59 |
| जिला चिकित्सालय, सागर | 17 |
| सिविल अस्पताल, बंडा | 07 |
| एम्स (AIIMS), भोपाल | 01 (एयरलिफ्ट) |
कलेक्टर ने बताया कि अधिकांश मरीजों की हालत अब स्थिर है। सभी के लिए आवश्यक दवाएं, डायलिसिस और पैथोलॉजी जांच की सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह शराब बाहर से सप्लाई की गई थी और इसमें घातक मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है।
पुलिस का बड़ा एक्शन: 20 नामजद आरोपी, 10 हिरासत में
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि इस गंभीर मामले में थाना बंडा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धाराओं के तहत 20 आरोपियों के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। इन पर अवैध लाभ के लिए संदिग्ध नकली व अवैध शराब का निर्माण, सप्लाई और बिक्री करने के आरोप हैं। इसके अलावा थाना विनायका में भी 10 आरोपियों पर प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
विशेष पुलिस टीमों ने विभिन्न ठिकानों पर दबिश देकर बंडा मामले के 20 नामजद आरोपियों में से 10 को अभिरक्षा में ले लिया है, जिनसे सघन पूछताछ जारी है। शेष अपराधियों की धर-पकड़ के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
बीएमसी के विशेषज्ञ डॉ. सौरभ जैन ने जानकारी दी कि मरीजों के लक्षणों की तीव्रता के अनुसार उनका इलाज किया जा रहा है। नए मरीजों के आने की दर में कमी आई है और गंभीर मरीजों का डायलिसिस लगातार जारी है।
उप मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों का जाना हाल
समीक्षा बैठक से पहले उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने आईसीयू और क्रिटिकल केयर वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों से व्यक्तिगत चर्चा की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने वहां मौजूद परिजनों को ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस विपदा की घड़ी में उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 24 घंटे तैनात रहे और इलाज में संसाधनों या दवाओं की कोई कमी न आने पाए। इस दौरान सागर विधायक शैलेंद्र जैन, बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह, कमिश्नर अनिल सुचारी, डीआईजी शशीन्द्र चौहान, कलेक्टर प्रतिभा पाल, एसपी अनुराग सुजानिया, बीएमसी के प्रभारी डीन डॉ. गंगवानी और डॉ. सौरभ जैन सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।












