निवेश एवं औद्योगिक विकास
दुबई से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा बयान: “निवेश, उद्योग और रोजगार का नया ग्लोबल हब बन रहा मध्यप्रदेश”
रीवा, इंदौर और उज्जैन में बनेंगे IT पार्क; 4 नए एयरपोर्ट, 76 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निर्यात और 14 करोड़ पर्यटकों का आगमन
दुबई/भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी दुबई यात्रा के प्रथम दिन मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अब देश और दुनिया में निवेश, उद्योग तथा रोजगार के नए केंद्र के रूप में तेजी से अपनी अमिट पहचान बना रहा है। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के हर क्षेत्र की स्थानीय क्षमता को पहचानकर उसे उद्योग, निवेश और बड़े पैमाने पर आजीविका के अवसरों में बदलना है।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) के लिए की गई पहलों को मध्यप्रदेश में शत-प्रतिशत धरातल पर उतारा गया है। राज्य सरकार ने कई पुराने व अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त कर 25 से अधिक नई निवेश-हितैषी नीतियां लागू की हैं, जिससे बड़े उद्योगों की स्थापना में अभूतपूर्व तेजी आई है।
मध्यप्रदेश के औद्योगिक मॉडल के प्रमुख आकर्षण
- MSME और रोजगार: प्रदेश के MSME सेक्टर में 1.10 करोड़ से अधिक लोग कार्यरत; शासकीय सेवाओं में भी लगातार नई भर्तियां जारी।
- निर्यात में नया कीर्तिमान: वर्ष 2026-27 में मध्यप्रदेश से 76,000 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड निर्यात दर्ज।
- भविष्य की तकनीक पर फोकस: AI, डेटा सेक्टर, ड्रोन, डिफेंस, साइंस सिटी और ग्रीन एनर्जी को विशेष प्रोत्साहन।
- तीन नए IT पार्क: रीवा, इंदौर और उज्जैन में टेक पार्क स्थापित कर स्टार्टअप्स को दी जा रही नई दिशा।
- एयर कनेक्टिविटी का विस्तार: भोपाल-इंदौर से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के साथ 4 नए एयरपोर्ट विकसित करने की तैयारी।
सस्ती बिजली, सरप्लस पानी और लैंड बैंक बनी निवेश की सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में दुनिया की सबसे सस्ती बिजली और हरित ऊर्जा (Green Energy) का निर्माण हो रहा है। उद्योगों के लिए सरप्लस बिजली, पर्याप्त जल संसाधन और विशाल लैंड बैंक उपलब्ध है।
| क्षेत्र / योजना | राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धि व योजना | अनुमानित प्रभाव / लाभ |
|---|---|---|
| MSME एवं रोजगार | 25+ नई नीतियां, स्थानीय उद्योगों का विस्तार | 1.10 करोड़ से अधिक लोग MSME क्षेत्र में कार्यरत |
| वैश्विक व्यापार | उत्पादन क्षमता में वृद्धि व एक्सपोर्ट प्रमोशन | 76,000 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात (2026-27) |
| IT एवं इनोवेशन | रीवा, इंदौर और उज्जैन में नए IT पार्क एवं साइंस सिटी | तकनीकी उद्योगों, स्टार्टअप्स व युवाओं के लिए रोजगार |
| पर्यटन उछाल | महाकाल लोक निर्माण एवं धार्मिक/इको टूरिज्म | वार्षिक 14 करोड़ बाहरी पर्यटकों का आगमन |
“क्षमता को निवेश में, निवेश को उत्पादन में और उत्पादन को रोजगार में बदलना लक्ष्य” — डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री ने कहा— “मध्यप्रदेश ने नीतिगत सुधारों के माध्यम से ऐसा संपूर्ण निवेश इकोसिस्टम तैयार किया है, जो जिला स्तर तक उद्योगों का विस्तार कर रहा है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से बड़े शहरों के बाहर भी औद्योगिक गतिविधियां पहुंची हैं। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—प्रदेश की स्थानीय क्षमता को निवेश में, निवेश को उत्पादन में और उत्पादन को अंततः रोजगार में बदलना।”
एयर कनेक्टिविटी में क्रांति: ग्वालियर-जबलपुर से भी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की संभावना
निवेश और पर्यटन को गति देने के लिए राज्य सरकार हवाई यातायात पर विशेष ध्यान दे रही है। भोपाल और इंदौर से वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन जारी है, जबकि राज्य में 4 नए एयरपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। ग्वालियर और जबलपुर को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर की एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है।
महाकाल लोक के बाद पर्यटन में ऐतिहासिक उछाल: 14 करोड़ पर्यटकों का आगमन
औद्योगिक निवेश के साथ-साथ मध्यप्रदेश पर्यटन का भी सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। इस वर्ष लगभग 14 करोड़ बाहरी पर्यटक मध्यप्रदेश पहुंचे, जिससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग और लोकल सर्विस सेक्टर में रोजगार के नए रास्ते खुले हैं।










