धर्म एवं जनसमस्या
वृंदावन: मुख्य परिक्रमा मार्ग पर कचरे के साम्राज्य से भारी आक्रोश; दीपक पाराशर बोले— “ढलाव घर नहीं हटा तो होगा बड़ा आंदोलन”
जुगल घाट चौराहा स्थित कचरे के ढेर से श्रद्धालुओं की आस्था आहत, बीमारियों का बढ़ा खतरा
वृंदावन: पावन नगरी वृंदावन के मुख्य जुगल घाट चौराहा स्थित परिक्रमा मार्ग पर फैले भीषण कचरे के ढेर और ढलाव घर को लेकर स्थानीय निवासियों तथा देश-विदेश से आने वाले परिक्रमार्थियों में भारी रोष व्याप्त है। इस गंभीर जनसमस्या की ओर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए रचनात्मक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दीपक पाराशर ने ढलाव घर को अविलंब हटाने और क्षेत्र की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की पुरजोर मांग की है।

मामले से जुड़े प्रमुख बिंदु
- आस्था पर आघात: मुख्य परिक्रमा मार्ग पर गंदगी से रोजाना गुजरने वाले हजारों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
- स्वास्थ्य संकट: सड़ांध, बदबू और आवारा पशुओं के जमावड़े के कारण क्षेत्र में बीमारियां फैलने की गंभीर आशंका।
- प्रशासनिक उपेक्षा: बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं।
- आंदोलन की चेतावनी: समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर जनहित में व्यापक आंदोलन छेड़ने का ऐलान।
श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए विष समान बना ढलाव घर
दीपक पाराशर ने कहा कि यह ढलाव घर मुख्य परिक्रमा मार्ग पर स्थित है, जहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय वृंदावनवासी गुजरते हैं। परिक्रमा मार्ग में गंदगी का यह साम्राज्य श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था पर आघात करने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए किसी विष से कम नहीं है। कचरे से उठती असहनीय दुर्गंध और आवारा पशुओं के जमावड़े से लगातार बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
| प्रभावित क्षेत्र | मुख्य समस्या | प्रशासन से मांग | संभावित चेतावनी |
|---|---|---|---|
| जुगल घाट चौराहा (परिक्रमा मार्ग) | भीषण कचरे का ढेर, बदबू और ढलाव घर | ढलाव घर को अविलंब हटाया जाए | जनहित में बड़ा आंदोलन |
| स्थानीय निवासी व श्रद्धालु | स्वास्थ्य संबंधी खतरे व आस्था को ठेस | नियमित व समुचित सफाई व्यवस्था | प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन |
“कागजी दावों से इतर मूलभूत सफाई पर ध्यान दे प्रशासन” — दीपक पाराशर
रचनात्मक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दीपक पाराशर ने कहा— “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बार-बार श्री धाम मथुरा-वृंदावन के विकास के लिए हजारों-करोड़ों रुपये की योजनाओं की घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन धरातल पर बिजली, पानी, सड़क और साफ-सफाई जैसी मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। विकास के नाम पर आने वाले बजट की बंदरबांट की जा रही है। यदि यमुना घाट चौराहा स्थित इस ढलाव घर को मुख्य परिक्रमा मार्ग से जल्द नहीं हटाया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।”
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि इस ढलाव घर को हटाने के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से लिखित व मौखिक गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन हर बार जनता की मांगों को अनदेखा कर दिया जाता है। बड़े-बड़े दावों के बावजूद मुख्य धार्मिक स्थलों और परिक्रमा मार्गों की यह दुर्दशा स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
















