ऊर्जा एवं अवसंरचना विकास
RDSS योजना से मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र में विद्युत अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण: 332.6 किमी 33 केवी लाइन और 10 नए उपकेंद्रों का निर्माण कार्य पूर्ण
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने दी जानकारी; ट्रांसफॉर्मर क्षमता वृद्धि और नेटवर्क विस्तार से उपभोक्ताओं को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण बिजली
भोपाल: मध्यप्रदेश में उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने और भविष्य की बढ़ती मांग को पूरा करने के उद्देश्य से पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के अंतर्गत मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विद्युत अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि योजना के तहत नए 33/11 केवी उपकेंद्रों के निर्माण, पावर ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि तथा 33 केवी लाइनों के विस्तार कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।
मुख्य उपलब्धियां एक नजर में
- नए उपकेंद्र: कंपनी सर्किलों में 31 नए 33/11 केवी उपकेंद्र प्रस्तावित, जिनमें से 10 का निर्माण पूर्ण।
- 33 केवी लाइन विस्तार: 722.6 किमी लक्ष्य के मुकाबले 332.6 किमी लाइन का कार्य संपन्न।
- पावर ट्रांसफॉर्मर अपग्रेडेशन: 5 से 8 एमवीए (सभी 4) तथा 8 से 10 एमवीए (सभी 5) क्षमता वृद्धि के 100% कार्य पूरे।
- अन्य क्षमता वृद्धि: 3.15 एमवीए के 60, 5 एमवीए के 16, 3.15 से 5 एमवीए के 63 तथा 5 से 10 एमवीए के 73 कार्य पूर्ण।
332.6 किलोमीटर 33 केवी लाइन का कार्य पूर्ण
आरडीएसएस के तहत कंपनी द्वारा विद्युत नेटवर्क के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए कुल 722.6 किलोमीटर 33 केवी लाइन बिछाने का प्रावधान किया गया है। इसमें से अब तक 332.6 किलोमीटर लाइन का कार्य सफलता पूर्वक पूर्ण हो चुका है। शेष कार्यों को भी प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। नई 33 केवी लाइनों के बिछने से आगामी समय में संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की क्षमता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
| पावर ट्रांसफॉर्मर क्षमता वृद्धि श्रेणी | कुल प्रस्तावित कार्य | पूर्ण हो चुके कार्य | प्रगति की स्थिति |
|---|---|---|---|
| 3.15 एमवीए क्षमता वृद्धि | 78 | 60 | कार्य प्रगति पर |
| 5 एमवीए क्षमता वृद्धि | 17 | 16 | अंतिम चरण में |
| 3.15 से 5 एमवीए क्षमता वृद्धि | 80 | 63 | कार्य प्रगति पर |
| 5 से 8 एमवीए क्षमता वृद्धि | 04 | 04 | 100% पूर्ण |
| 8 से 10 एमवीए क्षमता वृद्धि | 05 | 05 | 100% पूर्ण |
| 5 से 10 एमवीए क्षमता वृद्धि | 92 | 73 | कार्य प्रगति पर |
“उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ, ओवरलोडिंग और लो-वोल्टेज से मिलेगी राहत” — प्रद्युम्न सिंह तोमर
ऊर्जा मंत्री ने कहा— “आरडीएसएस के अंतर्गत किए जा रहे ये कार्य विद्युत प्रणाली की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ ओवरलोडिंग कम करने, वोल्टेज सुधारने, नए क्षेत्रों की बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करने तथा आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राज्य सरकार भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक विद्युत वितरण नेटवर्क तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
भविष्य की मांग के अनुरूप तैयार हो रहा आधुनिक नेटवर्क
कंपनी द्वारा उपकेंद्र, ट्रांसफॉर्मर और 33 केवी लाइन के कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। आगामी चरण में शेष बचे कार्यों को गति देकर एक मजबूत, आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुकूल विद्युत वितरण नेटवर्क तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे न केवल घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलेगी, बल्कि कृषि क्षेत्र को भी गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।












