आज का पंचांग: 9 अप्रैल 2026, गुरुवार
वैशाख कृष्ण पक्ष सप्तमी-अष्टमी, विक्रम संवत 2083
Aaj Ka Panchang, 9 April 2026: सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त का विचार करना आवश्यक माना गया है। आज 9 अप्रैल 2026, गुरुवार का दिन है। आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है जो रात तक रहेगी, जिसके बाद अष्टमी का प्रारंभ होगा। आज विशेष रूप से मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत भी रखा जाएगा।
प्रमुख विवरण (Essential Details)
| तारीख | 9 अप्रैल 2026 |
| दिन | गुरुवार |
| मास | वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत) |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| तिथि | सप्तमी (रात्रि 09:19 तक), फिर अष्टमी |
| नक्षत्र | मूल (सुबह 08:48 तक), फिर पूर्वाषाढ़ा |
| योग | परिघ (शाम 05:58 तक), फिर शिव |
| करण | विष्टि (भद्रा) सुबह 08:12 तक, फिर बव |
| चंद्र राशि | धनु |
| सूर्य राशि | मीन |
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
| सूर्योदय | प्रातः 06:02 AM |
| सूर्यास्त | सायं 06:43 PM |
| चंद्रोदय | रात्रि 01:28 AM (10 अप्रैल) |
| चंद्रास्त | प्रातः 10:38 AM |
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
आज के दिन शुभ कार्यों को संपन्न करने के लिए निम्नलिखित मुहूर्त श्रेष्ठ हैं:
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:32 AM से 05:17 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:58 AM से 12:48 PM |
| अमृत काल | 06:07 AM से 07:54 AM |
| विजय मुहूर्त | 02:30 PM से 03:20 PM |
अशुभ समय और राहुकाल (Avoid These Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं:
| राहुकाल | दोपहर 01:58 PM से 03:33 PM तक |
| यमगण्ड | प्रातः 06:02 AM से 07:38 AM तक |
| गुलिक काल | प्रातः 09:13 AM से 10:48 AM तक |
| भद्रा | सुबह 06:02 AM से 08:12 AM तक |
आज का विशेष महत्व और उपाय
आज गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। चूंकि आज मासिक कृष्ण जन्माष्टमी भी है, इसलिए भगवान श्री कृष्ण की पूजा का विशेष फल मिलेगा।
- गुरुवार व्रत: आज के दिन पीले वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु को पीले फूल व चने की दाल का भोग लगाएं।
- दिशा शूल: आज दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचें। यदि आवश्यक हो तो दही या जीरा खाकर घर से निकलें।
- राशिफल संकेत: आज चंद्रमा धनु राशि में हैं, जो धनु, मेष और सिंह राशि वालों के लिए मानसिक शांति और उन्नति के अवसर लेकर आएंगे।
नोट: पंचांग के समय में स्थान के अनुसार आंशिक परिवर्तन संभव है। अपने स्थानीय शहर के सटीक समय के लिए स्थानीय ज्योतिषीय गणना का उपयोग करें।











