Petrol Diesel Price Hike: मई में चौथी बार बढ़ी ईंधन की कीमतें, आम आदमी पर महंगाई का डबल अटैक





ईंधन मूल्य वृद्धि – समाचार अपडेट (मई 2026)

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भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चौथी बार बढ़ोतरी

दिनांक: 25 मई, 2026

मई 2026 में भारत में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। 15 मई से शुरू हुए इस सिलसिला के तहत, सरकारी तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने 25 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से इजाफा किया है। पिछले 11 दिनों में यह चौथी बार है जब आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाला गया है।

मुख्य घटनाक्रम और आंकड़े

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और भू-राजनीतिक तनाव (विशेषकर ईरान-अमेरिका संघर्ष) के कारण भारत में ईंधन आयात महंगा हो गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने इन अंतरराष्ट्रीय दबावों के चलते घरेलू दरों में सुधार का फैसला लिया है।

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तिथि पेट्रोल वृद्धि (प्रति लीटर) डीजल वृद्धि (प्रति लीटर)
15 मई 2026 ₹3.00 ₹3.00
19 मई 2026 ₹0.90 ₹0.90
23 मई 2026 ₹0.87 ₹0.91
25 मई 2026 ₹2.61 ₹2.71
कुल अनुमानित वृद्धि ~₹7.38 – ₹7.50 ~₹7.52 – ₹7.60

आर्थिक प्रभाव

  • महंगाई का डर: ईंधन की कीमतों में इस निरंतर वृद्धि से परिवहन लागत बढ़ रही है, जिसका सीधा असर आवश्यक वस्तुओं और खाद्य पदार्थों की कीमतों पर पड़ रहा है।
  • आयात बिल: कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार और चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) पर दबाव बढ़ रहा है।
  • आम आदमी पर मार: दिल्ली जैसे महानगरों में पेट्रोल की कीमत अब ₹100 प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर गई है, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस, ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार ने राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान कीमतों को स्थिर रखा और चुनाव खत्म होते ही ‘वसूली’ शुरू कर दी है। सरकार का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण यह कदम उठाना मजबूरी है।


नोट: ईंधन की कीमतें अलग-अलग राज्यों में स्थानीय वैट (VAT) और करों के आधार पर भिन्न हो सकती हैं।