योगी की पाती: छात्रों और अभिभावकों के नाम मुख्यमंत्री का विशेष संदेश
लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 25 मई, 2026
अवलोकन: छुट्टियों को बनाएं संस्कार और कौशल विकास का जरिया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की शुरुआत पर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के नाम एक प्रेरक पत्र, जिसे “योगी की पाती” नाम दिया गया है, साझा किया है। इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री ने छुट्टियों के समय का सदुपयोग करने, पारिवारिक मूल्यों को समझने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया है।
मुख्यमंत्री के पत्र की मुख्य विशेषताएं
1. छात्रों के लिए रचनात्मक सुझाव
- कौशल विकास: मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रोत्साहित किया है कि वे इस अवकाश को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखें। वे नई भाषाएं सीखें, फोटोग्राफी, चित्रकला, पाक कला, संगीत या बागवानी जैसे नए कौशल विकसित करें।
- सीखने की जिज्ञासा: छुट्टियों का समय नई चीजों को खोजने और अपनी रुचियों को निखारने का एक सुनहरा अवसर है, जो भविष्य में उनके व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होगा।
2. अभिभावकों के लिए विशेष आग्रह
- पारिवारिक जड़ें: मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को उनके ननिहाल और दादीहाल ले जाएं। यह बच्चों को अपने परिवार, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का सबसे अच्छा तरीका है।
- गुणवत्तापूर्ण समय: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, यह समय बच्चों के साथ संवाद करने और उन्हें अपनी जड़ों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर है।
3. पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
- प्लास्टिक-मुक्त छुट्टियां: मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस वर्ष की छुट्टियों को “प्लास्टिक-मुक्त” बनाने का संकल्प लेने की अपील की है।
- स्वच्छता का संदेश: पिकनिक या यात्रा के दौरान प्लास्टिक कचरा न फैलाने और बच्चों को एक स्वच्छ और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया है।
प्रकृति से जुड़ाव: एक अनिवार्य अनुभव
पत्र में मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रकृति के करीब ले जाने पर जोर दिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, चूका बीच और कतर्निया घाट जैसे स्थानों पर ले जाएं। ऐसी यात्राएं न केवल उनकी यादों में बस जाएंगी, बल्कि उनमें जैव विविधता के प्रति संवेदनशीलता भी पैदा करेंगी।
“याद रखिए, जिस वृक्ष की जड़ें मजबूत होती हैं, वही सबसे अधिक फलदायी एवं दीर्घजीवी होता है। हमारी संस्कृति और संस्कार भी वैसी ही जड़ें हैं।” – योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश छात्रों के सर्वांगीण विकास के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। यह पत्र केवल एक ग्रीष्मकालीन संदेश नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को संस्कारित, कौशल-आधारित और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने की एक पहल है।
स्रोत: जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार।












