नेशनल लोक अदालत 2026: कोरबा में 9 मई को लगेंगे शिविर, पुराने प्रकरणों के निराकरण पर जोर।






नेशनल लोक अदालत 2026: कोरबा में न्यायिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

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नेशनल लोक अदालत: 09 मई को कोरबा और तहसील न्यायालयों में आयोजन, लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु न्यायिक अधिकारियों की बैठक

कोरबा, 10 अप्रैल 2026

कोरबा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार, आगामी 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को सफल बनाने और अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के उद्देश्य से कोरबा जिला न्यायालय में न्यायिक अधिकारियों की प्रथम बैठक संपन्न हुई।

आयोजन स्थल: यह नेशनल लोक अदालत जिला न्यायालय कोरबा के साथ-साथ तहसील विधिक सेवा समिति कटघोरा, करतला, पाली और समस्त राजस्व न्यायालयों में एक साथ आयोजित की जाएगी। इसमें लंबित मामलों को आपसी समझौते के आधार पर निराकृत किया जाएगा।

इन प्रकरणों का होगा निराकरण

लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के राजीनामा योग्य मामलों को रखा जाएगा, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • राजीनामा योग्य आपराधिक मामले
  • बैंक वसूली और वित्तीय मामले
  • लिखत पराक्राम्य अधिनियम की धारा 138 (चेक बाउंस) के प्रकरण
  • मोटर दुर्घटना दावा (MACC) प्रकरण
  • अन्य व्यवहार वाद (Civil Matters) और वसूली के मामले

संतोष शर्मा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि लोक अदालत में 05 से 10 वर्ष से अधिक पुराने लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने अधिक से अधिक मामलों को समझौते के लिए चिन्हित करने पर जोर दिया ताकि पक्षकारों को त्वरित न्याय मिल सके।

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बैठक में उपस्थित न्यायिक अधिकारी

जिला न्यायालय परिसर के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में आयोजित इस बैठक में प्रत्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से निम्नलिखित अधिकारी उपस्थित रहे:

कोरबा मुख्यालय से: लीलाधर सारथी (विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटी), गरिमा शर्मा (प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश), डॉ. ममता भोजवानी (जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो), सुनील कुमार नंदे (तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश), अविनाश तिवारी (श्रम न्यायाधीश), सीमा प्रताप चंद्रा (जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी), सत्यानंद प्रसाद (तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी), सोनी तिवारी (प्रथम वरिष्ठ श्रेणी न्यायाधीश), डॉली ध्रुव (द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी), कुमुदनी गर्ग (प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी), ग्रेसी सिंह (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी), तृप्ति राघव (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) और सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा।

बाह्य न्यायालयों से (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से): श्रद्धा शुक्ला शर्मा (अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कटघोरा), मधु तिवारी (प्रथम जिला एवं अतिरिक्त जिला न्यायाधीश कटघोरा), हेमंत कुमार रात्रे (तृतीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कटघोरा), शीलू सिंह (द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कटघोरा), लोकेश पाटले (प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कटघोरा), रंजू वैष्णव (प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कटघोरा), प्रेरणा वर्मा (द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कटघोरा), सागर चन्द्राकर (प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कटघोरा), सोआ मंसुर (व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी पाली) और हेमंत राज ध्रुवे (व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी करतला)।

बैठक के दौरान सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य मामलों की सूची तैयार कर पक्षकारों को नोटिस जारी करें, ताकि नियत तिथि पर सुचारू रूप से लोक अदालत का संचालन किया जा सके।