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हसदेव आरती: कोरबा में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भव्य आयोजन, नदी संरक्षण का संकल्प





ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भव्य हसदेव आरती: कोरबा की जीवनदायिनी को नमन

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भव्य हसदेव आरती: कोरबा की जीवनदायिनी नदी के संरक्षण का संकल्प

कोरबा, छत्तीसगढ़।

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की जीवनदायिनी, कल-कल बहती हसदेव नदी को प्रदूषण मुक्त और संरक्षित बनाने के उद्देश्य से निरंतर सक्रिय ‘नमामि हसदेव सेवा समिति’ द्वारा आगामी ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर एक भव्य आयोजन किया जा रहा है। आगामी 31 मई 2026 (रविवार) को सायं 6 बजे मां सर्वमंगला मंदिर घाट, कोरबा में हसदेव आरती का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि नदी संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता का एक शक्तिशाली माध्यम भी सिद्ध होगा।

हसदेव नदी: कोरबा के अस्तित्व का आधार

हसदेव नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि कोरबा और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों के जीवन का आधार है। यह नदी सिंचाई, पेयजल, औद्योगिक आवश्यकताओं और पारिस्थितिक संतुलन के लिए अनिवार्य है। ‘नमामि हसदेव सेवा समिति’ के पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि नदी के किनारे बसे नगरों और कस्बों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी जीवनदायिनी को स्वच्छ रखें। समिति पिछले कई वर्षों से नदी तटों के सौंदर्यीकरण, कचरा मुक्त घाट अभियान और जन-भागीदारी से संरक्षण अभियान चला रही है।

आयोजन की मुख्य विशेषताएं

ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर होने वाली इस आरती में प्रमुख हस्तियां यजमान के रूप में उपस्थित रहेंगी:

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  • मुख्य यजमान: वनवासी कल्याण आश्रम छत्तीसगढ़ के प्रांत उपाध्यक्ष महेश गुप्ता।
  • विशिष्ट यजमान:
    • डॉ. मनोज कुमार झा (प्राचार्य, अग्रसेन कन्या महाविद्यालय, कोरबा)
    • अश्वनी चतुर्वेदी (प्राचार्य, विद्युत गृह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोरबा-पूर्व)
    • चिंतामणी कौशिक (प्राचार्य, सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गेवराबस्ती कुसमुंडा)
    • गोविंद माधव उपाध्याय (सहायक प्राध्यापक, कमला नेहरू महाविद्यालय, कोरबा)

जन-सहभागिता की अपील

नमामि हसदेव सेवा समिति ने कोरबा जिले के सभी प्रबुद्ध नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों, युवाओं और श्रद्धालु परिवारों से आग्रह किया है कि वे इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। समिति का मानना है कि सामूहिक संकल्प से ही नदी की शुचिता को वापस पाया जा सकता है। आरती के माध्यम से हसदेव नदी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाएगी और उसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का शपथ ली जाएगी।

संरक्षण अभियान और भविष्य की राह

कोरबा जैसे औद्योगिक हब में नदी प्रदूषण एक गंभीर चुनौती है। समिति के कार्यकर्ता निरंतर नदी तटों पर सफाई अभियान चला रहे हैं और स्थानीय लोगों को प्लास्टिक का उपयोग न करने तथा औद्योगिक कचरे को नदी में प्रवाहित न करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। हसदेव आरती इसी संरक्षण आंदोलन का एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक हिस्सा है, जो लोगों को भावनात्मक रूप से नदी से जोड़ता है।

आप सभी से अनुरोध है कि 31 मई की शाम को मां सर्वमंगला घाट पहुंचकर इस पुनीत कार्य में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और हसदेव नदी के संरक्षण के इस महायज्ञ में सहभागी बनें।


सूचना: यह रिपोर्ट नमामि हसदेव सेवा समिति द्वारा आयोजित आगामी कार्यक्रमों के संदर्भ में जन-जागरूकता हेतु प्रसारित की गई है।


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