मिशन ‘Clean Yamuna’: दिल्ली में यमुना सफाई के लिए ₹1000 करोड़ का बड़ा निवेश






मिशन ‘Clean Yamuna’: दिल्ली सरकार का ₹1000 करोड़ का बड़ा निवेश

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दिल्ली सरकार का ‘मिशन क्लीन यमुना’: ₹1000 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी

अपडेट: 30 मई, 2026 | नई दिल्ली

परियोजना का परिचय

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के कायाकल्प और राजधानी की जल तथा सीवेज अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए ₹1000 करोड़ से अधिक की महत्वकांक्षी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। यह निर्णय ‘मिशन क्लीन यमुना’ के अंतर्गत लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नदी के प्रदूषण को कम करना और शहर के जल प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक बनाना है।

प्रमुख आवंटित परियोजनाएं

परियोजना का विवरण अनुमानित लागत (लगभग)
Najafgarh ड्रेन के लिए 12 विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTP) ₹860 करोड़
Keshopur STP का अपग्रेडेशन (12 MGD से 18 MGD) ₹122 करोड़
Trilokpuri में ट्रंक सीवर लाइन का पुनर्वास ₹57 करोड़
Rohtas Nagar में नया अंडरग्राउंड जलाशय (UGR) और बूस्टर पंपिंग ₹27 करोड़

Najafgarh ड्रेन: सफाई की दिशा में बड़ा कदम

Najafgarh ड्रेन को यमुना में गिरने वाले सबसे बड़े प्रदूषकों में से एक माना जाता है। सरकार ने इसके समाधान के लिए 12 नए DSTP स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह परियोजना केंद्र सरकार की AMRUT योजना के तहत संचालित की जाएगी।

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  • क्षमता: इन 12 संयंत्रों की कुल क्षमता 46.5 मिलियन गैलन प्रति दिन (MGD) होगी।
  • लाभार्थी: इससे 121 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियां, 35 गांव और लगभग 7 लाख निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा।
  • तकनीक: ये संयंत्र सीवेज को नदी में मिलने से पहले स्थानीय स्तर पर ही उपचारित करेंगे।

जल सुरक्षा और भविष्य का संकल्प

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य केवल मौसमी नहीं है, बल्कि एक 365-दिन का निरंतर चलने वाला अभियान है। जल संरक्षण पर जोर देते हुए, दिल्ली जल बोर्ड अब वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) के नए ढांचों के निर्माण और मौजूदा प्रणालियों के जीर्णोद्धार पर विशेष ध्यान देगा। इसके लिए विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक टीम भी नियुक्त की जाएगी।

यमुना को ‘स्वच्छ, निर्मल और अविरल’ बनाने का यह संकल्प दिल्ली को एक ‘स्वच्छ, हरित और जल-सुरक्षित’ राजधानी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। सरकार का यह व्यापक दृष्टिकोण न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगा, बल्कि नागरिकों को बेहतर नागरिक सुविधाएं भी प्रदान करेगा।

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