सरगुजा जिला कांग्रेस की बैठक: टी.एस. सिंहदेव बोले- सिफारिश नहीं, अब काम के आधार पर मिलेगी तरक्की






सरगुजा जिला कांग्रेस की मासिक बैठक: टी.एस. सिंहदेव की अध्यक्षता में संगठन को कैडर बेस बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार, लापरवाह पदाधिकारियों पर गिरेगी गाज

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राजनीति / संगठनात्मक पुनर्गठन

सरगुजा जिला कांग्रेस की मासिक बैठक: टी.एस. सिंहदेव की अध्यक्षता में संगठन को कैडर बेस बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार, लापरवाह पदाधिकारियों पर गिरेगी गाज

ब्यूरो रिपोर्ट, प्रदेश खबर नेटवर्क
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स्थान: अम्बिकापुर (सरगुजा)
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अपडेटेड: 2026

अम्बिकापुर। सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी रणनीतिक मासिक बैठक आज जिला मुख्यालय अम्बिकापुर के जिला कार्यालय राजीव भवन में संपन्न हुई। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव की गरिमामयी अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में संगठन की दशा और दिशा को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। हाल ही में 20 जून से 29 जून तक प्रदेश कांग्रेस के जिलाध्यक्षों के लिए आयोजित किए गए 10 दिवसीय सघन प्रशिक्षण और परीक्षण सत्र के ठीक बाद बुलाई गई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण से प्राप्त संगठनात्मक इनपुट को धरातल पर उतारना था।

बैठक में जिला संगठन के विभिन्न सोपानों (स्तरों) के नियमित संचालन, आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा और पार्टी को पूरी तरह से चुनावी व सांगठनिक रूप से सक्रिय मोड में लाने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें जिला कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ-साथ जिले भर के तमाम वरिष्ठ नेता, सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष, विभिन्न मोर्चा, संगठन व प्रकोष्ठों के अध्यक्ष तथा अम्बिकापुर शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अंतर्गत आने वाले सभी मंडल अध्यक्षों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।

बैठक के मुख्य बिंदु एवं रणनीतिक निर्णय

  • कैडर बेस संगठन: सिफारिशी संस्कृति का अंत, अब केवल जमीनी प्रतिभा और प्रदर्शन के आधार पर ही पार्टी में मिलेगी तरक्की।
  • केंद्रीय निगरानी प्रणाली: नई दिल्ली और प्रदेश मुख्यालय से ‘कनेक्ट सेंटर’ के जरिए सीधे ट्रैक होगी हर जिला पदाधिकारी की दैनिक गतिविधि।
  • कड़ा रुख: पार्टी की अपेक्षाओं पर खरे न उतरने वाले निष्क्रिय जिलाध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों और पदाधिकारियों को तत्काल पदमुक्त करने की तैयारी।
  • नया संगठनात्मक ढांचा: बूथ, सेक्टर, मंडल और ब्लॉक स्तर के लिए तय हुआ नियमित बैठकों का कड़ा मासिक शेड्यूल।
  • विकेंद्रीकृत प्रभार: ब्लॉक व मंडल प्रभारियों की तर्ज पर अब मंडल कार्यकारिणी से सेक्टर और बूथ स्तर के प्रभारियों की होगी नियुक्ति।

सिफारिशी संस्कृति गुजरे जमाने की बात, प्रतिभा और काम तय करेगा तरक्की: टी.एस. सिंहदेव

बैठक को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कांग्रेस के भावी संगठनात्मक स्वरूप की स्पष्ट रूपरेखा सामने रखी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस जो बदलाव वर्तमान में संगठन के भीतर ऊपर से लेकर नीचे के स्तर तक कर रही है, उसका सीधा लक्ष्य कांग्रेस को पारंपरिक राजनीतिक दल से एक अत्यंत अनुशासित ‘कैडर बेस’ (कार्यकर्ता आधारित) पार्टी में तब्दील करना है।

“पार्टी के भीतर अब वह दौर समाप्त हो चुका है जहां केवल व्यक्तिगत निष्ठा या सिफारिशों के बल पर पद हासिल किए जा सकते थे। अब कांग्रेस में आपकी तरक्की पूरी तरह से आपके द्वारा किए गए धरातलीय कार्यों और प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। जिलाध्यक्षों के राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण के दौरान राहुल गांधी और शीर्ष नेतृत्व के व्याख्यानों से यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि संगठन में हर स्तर पर लोगों का चयन केवल और केवल उनकी प्रतिभा, कार्यक्षमता और जनता के बीच उनकी पैठ के आधार पर ही किया जाएगा।”

– टी.एस. सिंहदेव, पूर्व उपमुख्यमंत्री

सिंहदेव ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में संगठन के अंतिम व्यक्ति यानी बूथ स्तर के कार्यकर्ता को सशक्त करना अनिवार्य है। जब तक हमारा कैडर वैचारिक रूप से मजबूत और संगठनात्मक रूप से सक्रिय नहीं होगा, तब तक हम जनता की आवाज को मजबूती से बुलंद नहीं कर सकते। उन्होंने सभी वरिष्ठ नेताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जमीनी प्रतिभाओं की पहचान करें और उन्हें आगे आने का मौका दें।

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‘कनेक्ट सेंटर’ से होगी सीधे मॉनीटरिंग, निष्क्रिय नेताओं की होगी छुट्टी: बालकृष्ण पाठक

सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने बैठक में उपस्थित कांग्रेस के वरिष्ठ और कनिष्ठ पदाधिकारियों सहित अग्रिम मोर्चे के कार्यकर्ताओं से नई दिल्ली में आयोजित 10 दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के अनुभवों और रणनीतियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि अब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अखिल भारतीय स्तर पर संगठन को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए आधुनिकतम तकनीकों का सहारा ले रही है।

पाठक ने बताया कि कांग्रेस आलाकमान ने अब एक केंद्रीय ‘कनेक्ट सेंटर’ की स्थापना की है। इस डिजिटल और प्रबंधकीय व्यवस्था के माध्यम से जिला संगठन को सौंपे गए सभी महत्वपूर्ण कार्यों, आंदोलनों, जन-जागरण अभियानों और सांगठनिक बैठकों की सीधे राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर से रीयल-टाइम मॉनीटरिंग की जा रही है। जिला स्तर पर होने वाली हर गतिविधि का डेटा अब सीधे हाईकमान के पास डिजिटल रूप से दर्ज हो रहा है।

इसके साथ ही जिला अध्यक्ष ने पार्टी के भीतर अनुशासन और जवाबदेही को लेकर कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने कहा:

“पार्टी नेतृत्व अब केवल निर्देश देने तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्यों के व्यावहारिक मूल्यांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। ऐसे जिलाध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों और विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है जो पार्टी के कार्यक्रमों में रुचि नहीं ले रहे हैं अथवा संगठन की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर रहे हैं। शीर्ष नेतृत्व ऐसे तमाम निष्क्रिय चेहरों को पदों से हटाने और उनके स्थान पर ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपने पर पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है।”

मतदाता सूची पुनरीक्षण और समयावधि के कार्यक्रमों पर विशेष जोर

बैठक में राष्ट्रीय और प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी आगामी कार्यक्रमों को एक निश्चित समयावधि के भीतर शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए गए। बालकृष्ण पाठक ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि आगामी समय में सांगठनिक मजबूती के साथ-साथ मतदाता सूची जैसे तकनीकी और संवेदनशील विषयों पर पार्टी को बेहद गहराई से काम करना होगा। उन्होंने ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत या स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया की निगरानी करें, ताकि भविष्य की चुनावी चुनौतियों के लिए एक पारदर्शी और मजबूत आधार तैयार किया जा सके।

नियमित बैठकों का नया मासिक शेड्यूल: बूथ से लेकर जिला कार्यकारिणी तक का पदानुक्रम

राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्राप्त इनपुट और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव द्वारा दिए गए व्यावहारिक सुझावों के आधार पर सरगुजा जिला कांग्रेस ने अपने सांगठनिक ढांचे को नियमित बैठकों के एक कड़े चक्र में बांधने का निर्णय लिया है। इस बैठक में सर्वसम्मति से जिला संगठन के पदानुक्रम के अनुसार बैठकों के नए मासिक शेड्यूल को अनुमोदित (पास) किया गया।

इस व्यवस्था के तहत सांगठनिक समीक्षा नीचे से ऊपर की ओर (Bottom-Up Approach) प्रवाहित होगी, जिससे हर महीने के अंत में पूरे जिले की वास्तविक रिपोर्ट तैयार हो सकेगी। बैठकों का यह पदानुक्रमिक चक्र निम्नलिखित अनुसार निर्धारित किया गया है:

1

बूथ स्तर की बैठक (माह का प्रथम सप्ताह)

स्थानीय स्तर पर मतदाताओं से सीधे संपर्क, स्थानीय समस्याओं का संकलन और बुनियादी बूथ कमेटी की सक्रियता की समीक्षा।

2

सेक्टर स्तर की बैठक (माह का द्वितीय सप्ताह)

अपने अंतर्गत आने वाले सभी बूथों से प्राप्त इनपुट का विश्लेषण और समन्वय स्थापित करना।

3

मंडल स्तर की बैठक (माह का तृतीय सप्ताह)

सेक्टर रिपोर्ट के आधार पर ब्लॉक स्तर के लिए रणनीतिक एजेंडा तैयार करना और क्षेत्रीय आंदोलनों की रूपरेखा बनाना।

4

ब्लॉक स्तर की बैठक (माह का चतुर्थ सप्ताह)

समस्त मंडलों के कार्यों की अंतिम समीक्षा कर जिला कार्यकारिणी के समक्ष रखने हेतु प्रतिवेदन तैयार करना।

5

जिला कार्यकारिणी की बैठक (माह का अंतिम छोर)

इस संपूर्ण सांगठनिक चक्र के अंत में जिला कार्यकारिणी की मुख्य बैठक आयोजित होगी। इसमें बूथ से लेकर ब्लॉक स्तर तक के महीने भर के कार्यों की सघन समीक्षा की जाएगी। साथ ही, इसी बैठक में आगामी माह के कार्यक्रमों का व्यापक एजेंडा भी सेट किया जाएगा।

विकेंद्रीकृत जिम्मेदारी: मंडल कार्यकारिणी संभालेगी सेक्टर और बूथ प्रभारियों का जिम्मा

संगठन के इस महा-पुनर्गठन को व्यावहारिक रूप देने के लिए बैठक में एक और अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया गया। अब तक पार्टी में केवल ब्लॉक और मंडल स्तर पर ही प्रभारियों की नियुक्ति की जाती थी, जिससे जमीनी स्तर तक मॉनीटरिंग ठीक से नहीं हो पाती थी। इस कमी को दूर करने के लिए अब ब्लॉक एवं मंडल प्रभारियों की तर्ज पर ही मंडल कार्यकारिणी से सेक्टर एवं बूथ स्तर के प्रभारियों की नियुक्ति करने पर पूर्ण सहमति बनी है।

इस नई व्यवस्था के लागू होने से मंडल कार्यकारिणी के प्रत्येक सदस्य को सीधे कुछ चुनिंदा सेक्टरों और बूथों की जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी। ये प्रभारी सीधे तौर पर अपने आवंटित बूथों की बैठकों, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और वहां पार्टी विरोधी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जवाबदेह होंगे। इससे जवाबदेही का विकेंद्रीकरण होगा और जिला अध्यक्ष व ब्लॉक अध्यक्षों के पास सीधे ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट पहुंच सकेगी।

नवीन सांगठनिक व्यवस्था और प्रभार संरचना

सांगठनिक स्तर बैठक की आवृत्ति मुख्य दायित्व व फोकस एरिया निगरानी / प्रभार व्यवस्था
बूथ कमेटी मासिक (प्रथम सप्ताह) मतदाता संपर्क, नया नाम जोड़ना, स्थानीय मुद्दे मंडल कार्यकारिणी द्वारा नियुक्त विशेष बूथ प्रभारी
सेक्टर कमेटी मासिक (द्वितीय सप्ताह) बूथों में समन्वय, क्षेत्रीय जन-समस्याएं मंडल कार्यकारिणी से चयनित सेक्टर प्रभारी
मंडल कमेटी मासिक (तृतीय सप्ताह) स्थानीय आंदोलन, सांगठनिक सक्रियता का समन्वय ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त मंडल प्रभारी
ब्लॉक कमेटी मासिक (चतुर्थ सप्ताह) पार्टी के मुख्य कार्यक्रमों का क्रियान्वयन, मंडल समीक्षा जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त ब्लॉक प्रभारी
जिला कार्यकारिणी मासिक (अंतिम सप्ताह) संपूर्ण जिले की समीक्षा, आगामी माह का एजेंडा निर्धारण प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं केंद्रीय ‘कनेक्ट सेंटर’

बैठक में सरगुजा के दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी

राजीव भवन में आयोजित इस उच्च स्तरीय सांगठनिक बैठक में पूरे सरगुजा जिले के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं का जमावड़ा रहा। अम्बिकापुर शहर सहित ग्रामीण इलाकों के ब्लॉक अध्यक्षों, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल और विभिन्न सामाजिक व व्यावसायिक प्रकोष्ठों के अध्यक्षों ने बैठक में अपने विचार और सुझाव साझा किए। सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में राष्ट्रीय नेतृत्व के इस कैडर-बेस मॉडल को सरगुजा में पूरी ताकत से लागू करने का संकल्प लिया।

बैठक के समापन पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि स्वीकृत बैठकों के शेड्यूल का पालन न करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगामी एक सप्ताह के भीतर मंडल कार्यकारिणी से सेक्टर और बूथ प्रभारियों की नियुक्तियों की सूची जिला कार्यालय को प्रेषित करने का कड़ा निर्देश भी जारी किया गया है।