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कोरबा: रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार सहायक ग्रेड-02 प्रदीप मिश्रा निलंबित, शिक्षा विभाग में हड़कंप





विशेष रिपोर्ट: रिश्वतखोरी के मामले में सहायक ग्रेड-02 निलंबित

बड़ी खबर: रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार सहायक ग्रेड-02 को किया गया निलंबित

कोरबा, 31 मई 2026

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे सख्त अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 प्रदीप मिश्रा को एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने आरोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

घटना का विवरण: एसीबी की जाल में फंसे लिपिक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), बिलासपुर की टीम को प्रार्थी अमृत बघेल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पोड़ी उपरोड़ा स्थित शिक्षा विभाग के कार्यालय में कार्यरत प्रदीप मिश्रा द्वारा किसी कार्य के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत की पुष्टि होने के बाद, एसीबी/ईओडब्ल्यू इकाई बिलासपुर ने एक विशेष योजना बनाई। 29 मई 2026 को जैसे ही प्रार्थी ने आरोपी प्रदीप मिश्रा को 40,000 रुपये की रिश्वत राशि दी, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

कानूनी कार्रवाई और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम

गिरफ्तारी के बाद, आरोपी प्रदीप मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के अंतर्गत अपराध क्रमांक 0/2026 पंजीबद्ध किया गया है। एसीबी की कार्रवाई उपरांत उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई जिले में रिश्वतखोरी करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है।

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विभागीय निलंबन और मुख्यालय

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने तुरंत प्रशासनिक कार्रवाई की है। प्रदीप मिश्रा के इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों का घोर उल्लंघन माना गया है। निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आरोपी अब तत्काल प्रभाव से निलंबित रहेगा।

निलंबन के मुख्य बिंदु:

  • निलंबन का आधार: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तारी और विभागीय आचरण नियमों का उल्लंघन।
  • मुख्यालय परिवर्तन: निलंबन अवधि के दौरान प्रदीप मिश्रा का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, कटघोरा निर्धारित किया गया है।
  • भत्ता: सेवा नियमों के अनुसार, निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

शिक्षा विभाग में मची खलबली

इस गिरफ्तारी ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ली गई यह सख्त कार्रवाई विभागीय अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

एसीबी के अधिकारी ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी कार्य के लिए रिश्वत की मांग करता है, तो वे बेझिझक एसीबी कार्यालय या हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना दें। विभाग द्वारा ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


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