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अरपा सहित प्रदेश की नदियों को संरक्षित करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर चीफ सेक्रेट्री ने बुधवार को शपथपत्र के साथ जवाब प्रस्तुत किया

अरपा सहित प्रदेश की नदियों को संरक्षित करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर चीफ सेक्रेट्री ने बुधवार को शपथपत्र के साथ जवाब प्रस्तुत किया, जिसमें बताया कि नदी को नया जीवन देने राज्य सरकार पेंड्रा के अमरपुर स्थित उद्गम स्थल के पास 4.81 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करेगी। उद्गम और आसपास के क्षेत्र में नदी संरक्षण के लिए 2500 से अधिक कार्य मंजूर किए गए हैं। वहीं, पेंड्रा और गौरेला नगर पालिका ने प्रदूषित पानी के प्रबंधन के लिए 18.49 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा है।

इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई। इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय समिति की समीक्षा के बाद अरपा नदी बेसिन और उद्गम स्थल के वैज्ञानिक विकास की कार्ययोजना पर काम शुरू हो चुका है। ग्राम अमरपुर के समीप चिन्हित उद्गम स्थल के विकास के लिए 4.81 एकड़ भूमि अधिग्रहण की धारा-21 की प्रक्रिया जारी है। यहां भव्य कुंड निर्माण के लिए एजेंसी तय कर निविदा और अनुबंध की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।

गंदा पानी रोकने 18.49 करोड़ का प्लान अरपा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने और शहरी सीवेज को सीधे नदी में मिलने से रोकने नगरीय प्रशासन विभाग ने पहल की है। गौरेला नगर पालिका ने 11.53 करोड़ और पेंड्रा नगर पालिका ने 6.95 करोड़ रुपए का डीपीआर भेजा है। प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद दोनों निकायों में निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

कैचमेंट एरिया में 2,502 जल संरक्षण कार्य अरपा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में जल स्तर सुधारने और मिट्टी का कटाव रोकने विभिन्न विभागों के कन्वर्जेंस से 2,502 जल संरक्षण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें कंटूर ट्रेंच, गैबियन स्ट्रक्चर, गली प्लग और चेक डैम शामिल हैं। उद्गम से शुरुआती 10 किमी क्षेत्र में 484 विशेष संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।

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655 हेक्टेयर में पौधरोपण, 30 हेक्टेयर का लक्ष्य वन विभाग ने अरपा नदी के कैचमेंट एरिया में 655 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण पूरा कर लिया है। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 में नदी तट के 30 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सघन पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि हरियाली बढ़े और नदी संरक्षण को मजबूती मिल सके।

जिला पंचायत सीईओ करेंगे निगरानी मुख्य सचिव ने अरपा नदी पुनरुद्धार से जुड़ी सभी अंतर-विभागीय गतिविधियों और कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संबंधित जिला पंचायत के सीईओ को सौंपी है। उन्हें नोडल अधिकारी बनाया गया है। नदी के प्रवाह, पानी की गुणवत्ता और भू-जल स्तर का वैज्ञानिक मापन भी उनकी निगरानी में होगा।

पीएम गति शक्ति पोर्टल पर होगी डिजिटल मैपिंग प्रदेश की प्रमुख नदियों के पुनरुद्धार के लिए राज्य सरकार ने पांच अहम फैसले किए हैं। चयनित नदियों के उद्गम स्थलों की प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल पर शत-प्रतिशत डिजिटल मैपिंग होगी। आईआईटी रुड़की, एनआईटी रायपुर और सीएसवीटीयू भिलाई के विशेषज्ञ कार्ययोजना की साइंटिफिक स्क्रूटनी कर रहे हैं। विभागीय बजट के साथ जिला खनिज न्यास, मनरेगा, कैम्पा, स्वच्छ भारत मिशन और 16वें वित्त आयोग के फंड का कन्वर्जेंस किया जा रहा है। सिल्ट सफाई नीति लागू की गई है। जुलाई 2026 के अंतिम सप्ताह में राज्य स्तरीय स्रोत महोत्सव और कार्यशाला आयोजित होगी। महोत्सव में देशभर के पर्यावरणविद, तकनीकी विशेषज्ञ, स्थानीय जनप्रतिनिधि और एनजीओ शामिल होंगे, जिनके सुझावों को भविष्य के रिवर रिवाइवल प्लान में शामिल किया जाएगा।

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