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NEET-UG 2026 पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: JDU नेता संजय झा बोले- ‘यह बेहद दुखद’





NEET-UG 2026 पेपर लीक: सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी और JDU नेता संजय झा की प्रतिक्रिया

NEET-UG 2026 पेपर लीक: सुप्रीम कोर्ट ने NTA को लगाई फटकार, JDU नेता संजय झा बोले – “यह बेहद दुखद”

पटना/नई दिल्ली: नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के मामले ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक पहुंच चुका है। इसी बीच, JDU के वरिष्ठ नेता संजय कुमार झा ने इस पूरी घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

संजय कुमार झा की प्रतिक्रिया

पटना में मीडिया से बात करते हुए JDU नेता संजय कुमार झा ने कहा, “जो हुआ वह बहुत दुखद है। जिन छात्रों ने दिन-रात मेहनत करके परीक्षा दी, उन्हें फिर से उसी मानसिक और शारीरिक दबाव से गुजरना पड़ रहा है, यह बहुत कष्टदायक है।”

उन्होंने आगे कहा, “जैसे ही पेपर लीक की बात सामने आई, सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया और परीक्षा को रद्द कर दिया। सरकार ने इसमें कुछ भी छिपाने की कोशिश नहीं की है। हम इस स्थिति की गंभीरता को समझते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार निश्चित रूप से कोई ठोस रास्ता निकालेगी।”

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

उधर, सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि, “यह बेहद दुखद है कि NTA ने दो साल पहले 2024 में हुए पेपर लीक से कोई सबक नहीं सीखा।”

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  • अदालत का रुख: सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी और संस्थागत बदलाव नहीं होंगे, तब तक ऐसी समस्याएं बार-बार आती रहेंगी।
  • संस्थागत असफलता: कोर्ट ने NTA को एक ‘तदर्थ’ (ad-hoc) संस्था बताते हुए कहा कि इसे यूपीएससी (UPSC) जैसे संस्थानों से सीखना चाहिए जो दशकों से बिना किसी लीक के पारदर्शी परीक्षाएं करा रहे हैं।
  • नया हलफनामा: कोर्ट ने केंद्र सरकार और मानव संसाधन विकास मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वे एक व्यापक योजना पेश करें, जिसमें NTA को और अधिक सक्षम बनाने और विशेषज्ञों को शामिल करने का विवरण हो।

जांच और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

सीबीआई (CBI) इस मामले की गहन जांच कर रही है और अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। NTA ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया है कि 21 जून को होने वाली री-परीक्षा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:

  1. परीक्षा केंद्रों पर अनिवार्य सीसीटीवी निगरानी।
  2. कॉन्फिडेंशियल ऑपरेशंस (CONOPs) के तहत प्रश्नपत्रों की सुरक्षा।
  3. तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए विशेष विशेषज्ञों की नियुक्ति।
  4. परीक्षा के दौरान इंटरनेट और मोबाइल एक्सेस पर पूर्ण प्रतिबंध।

छात्रों के भविष्य पर मंडराते सवाल

करीब 23 लाख छात्रों के लिए यह समय बेहद तनावपूर्ण है। री-परीक्षा की तारीख 21 जून 2026 घोषित की गई है, लेकिन छात्रों के बीच सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर संशय बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई जुलाई 2026 के दूसरे सप्ताह में निर्धारित की है, जिसमें NTA के संरचनात्मक सुधारों पर विस्तृत चर्चा होगी।


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