अम्बिकापुर: स्व-सहायता समूह की 80 महिलाओं का ‘दिशा-दर्शन’ भ्रमण, गुमला में सीखेंगी आजीविका के गुर।






अम्बिकापुर: स्व-सहायता समूह की 80 महिलाओं का दल ‘दिशा-दर्शन’ भ्रमण के लिए गुमला रवाना

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स्व-सहायता समूह की 80 महिलाओं का दल ‘दिशा-दर्शन’ भ्रमण कार्यक्रम के लिए गुमला रवाना

नगर निगम सभापति ने बस को दिखाई हरी झंडी, आजीविका के आधुनिक गुर सीखेंगी समूह दीदियां

अम्बिकापुर। सरगुजा जिले की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें नई तकनीकों से रूबरू कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन सशक्तिकरण केंद्र के समन्वय से ‘दिशा दर्शन’ भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसके तहत जिले की स्व-सहायता समूहों की 80 महिलाओं और विभागीय अधिकारियों का एक दल झारखंड राज्य के गुमला जिले के लिए रवाना हुआ है।

भ्रमण का उद्देश्य: यह दल गुमला स्थित ‘विकास भारतीय संस्थान विशुनपुर’ का दौरा करेगा। यहाँ महिलाएं आजीविका के विभिन्न आधुनिक मॉडलों, लघु उद्योगों के संचालन और सामुदायिक विकास के सफल प्रयोगों का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगी।

कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान नगर निगम सभापति हरिमन्दर सिंह टिन्नी ने भ्रमण बस को हरी झंडी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया। इस दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। दल में शामिल महिलाएं गुमला के सफल आजीविका केंद्रों का भ्रमण कर वहां के नवाचारों को समझने का प्रयास करेंगी।

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आत्मविश्वास और आर्थिक मजबूती पर जोर

नगर निगम सभापति हरिमन्दर सिंह टिन्नी ने इस अवसर पर कहा कि इस तरह के एक्सपोजर विजिट (क्षेत्र भ्रमण) से महिलाओं के आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि होती है। जब महिलाएं अपने क्षेत्र से बाहर निकलकर अन्य क्षेत्रों में हो रहे सफल कार्यों और संघर्षों को देखती हैं, तो वे अपनी आजीविका गतिविधियों को और बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए प्रेरित होती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अन्य स्थानों पर हो रहे सफल नवाचारों को देखकर समूह की दीदियां अपने गांव और ब्लॉक में भी नई तकनीकों को लागू कर सकेंगी। इससे न केवल उनके उत्पाद बेहतर होंगे, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी पहले से अधिक सुदृढ़ होगी। शासन का उद्देश्य महिलाओं को केवल घर तक सीमित न रखकर उन्हें बाजार और तकनीक की मुख्यधारा से जोड़ना है।

मिशन शक्ति के तहत सशक्तिकरण की ओर कदम

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह भ्रमण कार्यक्रम महिलाओं के कौशल उन्नयन (Skill Development) का एक हिस्सा है। गुमला का विकास भारतीय संस्थान अपने कृषि आधारित नवाचारों और हस्तशिल्प प्रशिक्षण के लिए जाना जाता है। वहां से मिली जानकारी और प्रशिक्षण से महिलाएं अपने समूहों के माध्यम से स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करना सीखेंगी।

आगामी योजना: भ्रमण से लौटने के बाद, इन महिलाओं के अनुभवों को जिले के अन्य स्व-सहायता समूहों के साथ साझा किया जाएगा, ताकि वे भी इन आधुनिक गुरों को अपना सकें और जिले में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।

अम्बिकापुर जिला प्रशासन लगातार महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में काम कर रहा है। ‘दिशा-दर्शन’ जैसे कार्यक्रम इस विजन को पूरा करने में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। रवाना हुए दल में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से चयनित सक्रिय समूह सदस्य शामिल हैं, जो आने वाले समय में अपने क्षेत्र के लिए ‘रोल मॉडल’ के रूप में उभरेंगी।