SBI फ्रॉड केस अपडेट: CBI कोर्ट ने 1.24 करोड़ की धोखाधड़ी में 3 को सुनाई सजा





CBI बैंक धोखाधड़ी मामला – समाचार अपडेट

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CBI अदालत ने बैंक धोखाधड़ी मामले में तीन दोषियों को सुनाई 5 साल की कठोर कैद

दिनांक: 23 मई, 2026 | स्रोत: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI)


मुख्य विवरण

चेन्नई की एक विशेष CBI अदालत ने 22 मई, 2026 को एक प्रमुख बैंक धोखाधड़ी मामले में फैसला सुनाते हुए एक निजी सॉफ्टवेयर कंपनी और उसके शीर्ष अधिकारियों को दोषी करार दिया है। इस मामले में 1.24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप सिद्ध हुआ है।

मामले के दोषी और सजा

न्यायालय ने निम्नलिखित दोषियों को 5 साल की कठोर कारावास (Rigorous Imprisonment – RI) की सजा सुनाई है:

  • P. Senthil Kumar: M/s Palpap Ichinichi Software International Ltd. के एमडी (MD) और सीईओ (CEO)।
  • P. A. Sasi Kumar: निजी व्यक्ति (सह-अभियुक्त)।
  • P. Thanjai Chezian: निजी व्यक्ति (सह-अभियुक्त)।

अदालत ने तीनों व्यक्तियों पर कुल 11.7 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके अतिरिक्त, दोषी कंपनी M/s Palpap Ichinichi Software International Ltd. पर भी 1.2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

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नोट: इस मामले में एक अन्य आरोपी, G. Vaidyanathan का मुकदमे के दौरान निधन हो गया था, जिसके कारण उनके विरुद्ध आरोप समाप्त (abate) कर दिए गए।

धोखाधड़ी का स्वरूप

यह मामला 14 नवंबर, 2008 को भारतीय स्टेट बैंक (SBI), चेन्नई की शिकायत पर दर्ज किया गया था। जांच में निम्नलिखित तथ्य सामने आए:

  • षड्यंत्र: कंपनी ने बैंक के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची थी।
  • फर्जीवाड़ा: बैंक की ‘एक्सप्रेस क्रेडिट स्कीम’ के तहत कंपनी के ‘फर्जी कर्मचारियों’ के नाम पर व्यक्तिगत ऋण (Personal Loans) स्वीकृत और वितरित कराए गए।
  • वित्तीय नुकसान: इस धोखाधड़ी के माध्यम से बैंक को कुल 1.24 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।

जांच और कानूनी प्रक्रिया

CBI ने इस मामले में गहन जांच के बाद 11 दिसंबर, 2009 को आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल किया था। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई के बाद, अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर कंपनी और उसके प्रमुख पदाधिकारियों को दोषी पाया और सजा सुनाई।

यह समाचार केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।