
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गणतंत्र दिवस 2026 पर Group Captain Shubhanshu Shukla को अशोक चक्र से नवाजा
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अंतरिक्ष यात्रा के निडर योद्धा Group Captain Shubhanshu Shukla को अशोक चक्र से सम्मानित किया और गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 77वें गणतंत्र दिवस समारोह और ‘At Home’ रिसेप्शन की मेजबानी की
नई दिल्ली | 27 जनवरी 2026 |77वें गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने Rashtrapati Bhavan में भव्य ‘At Home’ रिसेप्शन की मेजबानी की। इस कार्यक्रम में गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि, यूरोपीय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, विशेष रूप से उपस्थित थे।
राष्ट्रपति मुर्मु के साथ उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री, विपक्ष के नेता और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले नागरिक भी उपस्थित थे। साथ ही, सरकारी विकास कार्यक्रमों के लाभार्थियों ने भी इस अवसर पर भाग लिया।
रिसेप्शन में उपस्थित अतिथियों ने भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों की सांस्कृतिक विविधता और व्यंजन का आनंद लिया। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें देश की विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने विशेष रूप से Group Captain Shubhanshu Shukla को भारत के सर्वोच्च शांति-काल वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया। Group Captain Shukla इतिहास रचने वाले पहले भारतीय हैं जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर कदम रखा। उन्हें Axiom-4 मिशन के दौरान उनके असाधारण साहस और निडर संकल्प के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मु ने Kartavya Path में आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस परेड का निरीक्षण किया। इस वर्ष की परेड का विषय था – “वंदे मातरम् के 150 वर्ष” का उत्सव। परेड मार्ग को वंदे मातरम् के श्लोकों से प्रेरित चित्रों और सजावट से संवारा गया था।
परेड में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की ताकत का प्रदर्शन किया गया, साथ ही विभिन्न राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों के सांस्कृतिक झांकियों ने राष्ट्रीय एकता, विविधता और आत्मनिर्भर भारत की भावना को प्रदर्शित किया। Operation Sindoor का शक्तिशाली प्रदर्शन और अन्य आकर्षक प्रस्तुतियों ने भारत की प्रगति और विकास की कहानी जीवंत रूप में प्रस्तुत की।
राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि गणतंत्र दिवस केवल भारत के गौरवपूर्ण इतिहास का स्मरण नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान के आदर्शों और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने का अवसर भी है। उन्होंने यह भी कहा कि देशवासियों का यह दायित्व है कि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझें और देश की प्रगति में योगदान दें।
Group Captain Shubhanshu Shukla के सम्मान और गणतंत्र दिवस की भव्य परेड ने भारतवासियों के बीच गर्व और उत्साह की भावना पैदा की। राष्ट्रपति मुर्मु के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम देश की सांस्कृतिक विविधता, सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनकर उभरा।










