
कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग के दीक्षांत समारोह में महासमुंद के डॉक्टरों को पीएचडी व स्नातक उपाधि
दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग में आयोजित चौथे दीक्षांत समारोह में महासमुंद के पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों को पीएचडी एवं स्नातक उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि रहे।
कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग के दीक्षांत समारोह में महासमुंद के डॉक्टरों को मिली उपाधियां
महासमुंद, 30 जनवरी 2026/दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग में आयोजित चौथे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में पशुपालन मंत्री रामविचार नेताम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान राज्यपाल द्वारा पशु चिकित्सा एवं पशुपालन क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को उपाधि एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर शिक्षा, अनुसंधान और सेवा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चिकित्सकों और शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
महासमुंद के चिकित्सकों को पीएचडी की उपाधि
पशु चिकित्सा विभाग महासमुंद में पदस्थ डॉ. खुशबू चंद्राकर एवं डॉ. अर्चना एविलिन केरकेट्टा को पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ के रूप में अनुसंधान कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई।
इसके साथ ही वेटनरी पॉलिटेक्निक के सहायक प्राध्यापक डॉ. देवेश गिरी एवं डॉ. गोविन्द देवांगन को भी पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया।
स्नातक उपाधि से भी किया गया सम्मानित
समारोह में पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ डॉ. लिलेश्वर चौधरी एवं डॉ. शुभम डाहिरे को स्नातक उपाधि प्रदान की गई। उपाधि प्राप्त करने वाले सभी चिकित्सकों एवं शिक्षकों ने इसे अपनी कड़ी मेहनत और संस्थान के मार्गदर्शन का परिणाम बताया।
गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी रहे उपस्थित
दीक्षांत समारोह में पशु चिकित्सा सेवाएं उप संचालक सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने उपाधि प्राप्त करने वाले चिकित्सकों और शिक्षकों को बधाई दी।
जिला प्रशासन ने दी शुभकामनाएं
इस अवसर पर जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग द्वारा उपाधि प्राप्त करने वाले चिकित्सकों एवं शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि ऐसे शिक्षित और प्रशिक्षित पशु चिकित्सक पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।










