अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क पर ED का एक्शन, 2.18 करोड़ की संपत्तियां जब्त

अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क पर ED का बड़ा एक्शन, 2.18 करोड़ की संपत्तियां जब्त

जालंधर, 05 फरवरी 2026/ अंतरराज्यीय नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2.18 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां और 1.2 लाख रुपये की चल संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई ED के जालंधर रीजनल ऑफिस द्वारा Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत की गई।

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यह मामला ट्रामाडोल, अल्प्राजोलाम जैसी साइकोट्रॉपिक नारकोटिक दवाओं की अवैध सप्लाई से जुड़ा है, जो समाज में नशे और लत को बढ़ावा देती हैं।

किन-किन की संपत्तियां जब्त

ED द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में शामिल हैं—

  • M/s Soul Healthcare (I) Pvt Ltd
  • Akhil Jai Singh (Aster Pharma)
  • Ankit Kumar (M/s MP Traders)
  • Alex Paliwal (M/s Canix Pharma)

इनके नाम पर दर्ज व्यावसायिक और आवासीय प्लॉट, जिनकी कुल कीमत 2.18 करोड़ रुपये है।

इसके अलावा—

  • Santosh Tiwari के बैंक खाते में जमा 1.2 लाख रुपये की राशि को भी जब्त किया गया है।

इन संपत्तियों को 02 फरवरी 2026 को अस्थायी रूप से अटैच किया गया था।

NDPS एक्ट के तहत दर्ज FIR से शुरू हुई जांच

यह मामला पंजाब पुलिस द्वारा NDPS Act, 1985 के तहत दर्ज FIR के बाद सामने आया, जिसमें ट्रामाडोल आधारित टैबलेट्स और ड्रग मनी की बरामदगी की गई थी।
इसी FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की।

कैसे चल रहा था अवैध दवा कारोबार

ED की जांच में खुलासा हुआ कि—

  • M/s Shree Shyam Medical Agency, M/s MP Traders और M/s Canix Pharma
    • बिचौलियों के रूप में काम कर रहे थे
  • ये संस्थाएं फार्मा मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों से
    • भारी मात्रा में साइकोट्रॉपिक टैबलेट्स खरीदती थीं
  • दवाएं
    • बिना बिल, बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन
    • और स्टॉक रजिस्टर के बिना
    • नकद में ड्रग डीलरों को बेची जाती थीं

 निर्माता और डिस्ट्रीब्यूटर भी शामिल

ED के अनुसार—

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  • M/s Soul Healthcare (I) Pvt Ltd
    • ट्रामाडोल आधारित टैबलेट्स की निर्माता कंपनी
  • M/s Aster Pharma
    • डिस्ट्रीब्यूटर

दोनों कंपनियां अवैध बिक्री में संलिप्त थीं और
नकद में अपराध की आय (Proceeds of Crime) प्राप्त कर रही थीं।

कुरियर से होती थी दवाओं की सप्लाई

जांच में सामने आया कि—

  • दवाओं को
    • सीधे मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से
    • कुरियर सर्विस के जरिए
    • बिचौलियों तक पहुंचाया जाता था
  • इसके बाद
    • बिचौलिये इन्हें ड्रग डीलरों को सप्लाई करते थे
  • चालान मूल्य के बराबर रकम बैंक खातों में जमा की जाती थी
  • जबकि अतिरिक्त राशि नकद में व्यक्तिगत रूप से दी जाती थी

पहले भी हो चुकी है सर्च और गिरफ्तारी

ED ने—

  • 17 जून 2025 को
    • PMLA की धारा 17 के तहत तलाशी अभियान चलाया
    • जिसमें अवैध लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए

इसके बाद—

  • 09 दिसंबर 2025 को
    • अभिषेक कुमार (M/s Shree Shyam Medical Agency)
    • को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया
  • आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है

समाज के लिए गंभीर खतरा

ED ने कहा कि—

यह नेटवर्क निर्माता से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेलर तक फैला हुआ है, जो
साइकोट्रॉपिक दवाओं के दुरुपयोग और नशे की लत के जरिए
पूरे समाज को गंभीर खतरे में डाल रहा है।

आगे भी जारी रहेगी जांच

ED ने स्पष्ट किया है कि—

  • मामले में आगे की जांच जारी है
  • धन के पूरे प्रवाह (money trail)
  • और अन्य संलिप्त व्यक्तियों व संस्थाओं की पहचान की जा रही है