भारत-अमेरिका ट्रेड डील में किसानों का हित सर्वोपरि: विदेशी अनाज को नहीं मिलेगी एंट्री – मोदी सरकार

किसान पहले, देश सर्वोपरि: भारत-अमेरिका ट्रेड डील में विदेशी अनाज को नहीं मिलेगी एंट्री

नई दिल्ली/ मोदी सरकार ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार ने स्पष्ट नीति अपनाते हुए कहा है कि रागी, गेहूं, चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का, कोदो, सांवा, कंगनी, ओट्स, अमरनाथ और नारियल जैसे भारतीय अनाजों का आयात विदेश से नहीं किया जाएगा।

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा किए गए पोस्ट में कहा गया है कि “किसान पहले, देश सर्वोपरि” मोदी सरकार की मूल नीति है। सरकार का फोकस आत्मनिर्भर कृषि, स्वदेशी अन्न और अन्नदाता के सम्मान पर केंद्रित है।

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किसान हित सर्वोच्च प्राथमिकता

पोस्ट में कहा गया है कि मोदी सरकार की हर नीति में किसान कल्याण सर्वोपरि है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील में भी यह सुनिश्चित किया गया है कि भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी प्रावधान स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम

सरकार का कहना है कि विदेशी अनाज के आयात पर रोक से देश की कृषि अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। यह निर्णय आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई मजबूती प्रदान करेगा।

नए भारत की पहचान: अन्नदाता का सम्मान

मोदी सरकार का संदेश साफ है —
“अन्नदाता का सम्मान ही नए भारत की पहचान है।”
सरकार कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, किसानों की आय में वृद्धि और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर ठोस फैसले ले रही है।