
अंबिकापुर में आज “इंडस्ट्रियल इंटरैक्शन मीट” का आयोजन, प्लास्टिक उद्योग को मिलेंगे नए अवसर
अंबिकापुर में 20 मार्च 2026 को होटल ग्रांड राधेश्याम में सिपेट कोरबा द्वारा इंडस्ट्रियल इंटरैक्शन मीट आयोजित, प्लास्टिक उद्योग से जुड़े उद्यमियों को मिलेगी नई तकनीकों और व्यवसायिक मार्गदर्शन की जानकारी।
अंबिकापुर में प्लास्टिक उद्योग को बढ़ावा देने “इंडस्ट्रियल इंटरैक्शन मीट” आज
अंबिकापुर, 20 मार्च 2026।जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सरगुजा के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार केन्द्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट), कोरबा द्वारा प्लास्टिक उद्योग से संबंधित आधुनिक तकनीक एवं औद्योगिक आवश्यकताओं पर आधारित “इंडस्ट्रियल इंटरैक्शन मीट” का आयोजन किया जा रहा है।
यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम आज, 20 मार्च 2026 को अपरान्ह 2:00 बजे से होटल ग्रांड राधेश्याम, न्यू बस स्टैंड के पास, अंबिकापुर में आयोजित होगा।
उद्यमियों को मिलेगी आधुनिक तकनीक की जानकारी
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक उद्योग से जुड़े उद्यमियों को नवीनतम तकनीकों की जानकारी प्रदान करना, उद्योग स्थापना के लिए मार्गदर्शन देना तथा तकनीकी सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर संवाद स्थापित करना है।
इंटरैक्शन मीट के दौरान सिपेट, कोरबा के विशेषज्ञों द्वारा निम्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी—
प्लास्टिक उद्योग की वर्तमान संभावनाएं
उन्नत एवं आधुनिक तकनीक
उत्पादन प्रक्रियाएं और गुणवत्ता सुधार
उद्योग स्थापना की प्रक्रिया
बाजार की मांग एवं औद्योगिक आवश्यकताएं
विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर
कार्यक्रम में भाग लेने वाले उद्यमियों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा, जहां वे अपनी जिज्ञासाओं का समाधान कर सकेंगे और अपने उद्योग के विकास के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।
उद्योगों से अधिकाधिक भागीदारी की अपील
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सरगुजा के मुख्य महाप्रबंधक ने जिले के सभी संबंधित उद्योगों एवं उद्यमियों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर इसका लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से स्थानीय उद्योगों को नई दिशा मिलती है और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन क्षमता एवं गुणवत्ता में वृद्धि होती है।
क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
यह आयोजन सरगुजा जिले में प्लास्टिक उद्योग के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मौजूदा उद्योगों को भी तकनीकी उन्नयन का अवसर मिलेगा।












