गैस की कालाबाजारी पर वार: कांग्रेस ने लोकसभा में मांगी ‘Delivery PIN’ सुविधा, क्या रुकेगी LPG की ब्लैक मार्केटिंग?






LPG Delivery PIN Demand: News Update | Pradesh Khabar

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गैस सिलेंडर की ‘ब्लैक मार्केटिंग’ पर लगेगा लगाम? संसद में उठी ‘Delivery PIN’ अनिवार्य करने की मांग

कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सरकार को घेरा; पूछा- जब छोटी कंपनियां OTP देती हैं, तो गैस एजेंसियां क्यों नहीं?

आशीष सिन्हा | संपादक, प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क
27 मार्च, 2026 | सरगुजा / नई दिल्ली

नई दिल्ली/लोकसभा: देश में चल रही रसोई गैस (LPG) की कथित किल्लत और वितरण प्रणाली में हो रही धांधली का मुद्दा अब संसद के गलियारों तक पहुँच गया है। लोकसभा में कांग्रेस सांसद **गुरजीत सिंह औजला** ने सरकार की वितरण नीति पर सवाल उठाते हुए एक बड़ा तकनीकी सुझाव दिया है। उन्होंने मांग की है कि गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय **’डिलीवरी पिनकोड’ (OTP)** अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि कालाबाजारी को जड़ से खत्म किया जा सके।

“हकीकत ये है कि बुकिंग न होने पर भी सिलेंडर डिलीवर दिखा दिए जाते हैं। गैस एजेंसियां और डिस्ट्रीब्यूटर्स ब्लैक मार्केटिंग कर रहे हैं। सरकार को तुरंत डिलीवरी पिन सिस्टम लागू करना चाहिए।” – गुरजीत सिंह औजला (लोकसभा में)

1. क्या है ‘Delivery PIN’ की मांग और यह कैसे काम करेगा?

सांसद औजला ने तर्क दिया कि आज के डिजिटल युग में जब ई-कॉमर्स कंपनियां और खाने की डिलीवरी करने वाली छोटी फर्में भी सुरक्षा के लिए OTP या कोड का इस्तेमाल करती हैं, तो गैस सिलेंडर जैसी महत्वपूर्ण वस्तु के लिए ऐसा क्यों नहीं है?

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प्रस्तावित सिस्टम (The Proposed Solution):

  • ग्राहक जब सिलेंडर बुक करेगा, तो उसके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक 4-अंकों का PIN आएगा।
  • डिलीवरी बॉय जब घर पर सिलेंडर लाएगा, तो उसे वह PIN अपने ऐप में दर्ज करना होगा।
  • PIN दर्ज होने के बाद ही डिलीवरी कन्फर्म मानी जाएगी। इससे फर्जी बुकिंग और चोरी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

2. कालाबाजारी (Black Marketing) का नया खेल

संसद में यह बताया गया कि कई उपभोक्ताओं के साथ ऐसा हो रहा है कि उनके नाम पर बुकिंग तो दिखती है, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिलता। डिस्ट्रीब्यूटर्स उस सिलेंडर को खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच देते हैं और सिस्टम में उसे ‘डिलीवर’ दिखा देते हैं। ‘डिलीवरी पिन’ आने से बिना ग्राहक की मर्जी और जानकारी के कोई भी डिलीवरी कन्फर्म नहीं हो सकेगी।

3. सरकार का पक्ष और जमीनी हकीकत

जहाँ सरकार का दावा है कि देश में LPG का भरपूर स्टॉक मौजूद है, वहीं विपक्ष का कहना है कि वितरण प्रणाली (Distribution System) में भारी भ्रष्टाचार है। **Pradesh Khabar News Network** की टीम ने जब सरगुजा और छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में पड़ताल की, तो पाया कि कई गांवों में सिलेंडर पहुँचने में 15 से 20 दिन की देरी हो रही है, जिससे लोग परेशान हैं।

4. डिजिटल इंडिया बनाम जमीनी चुनौतियां

सांसद औजला की मांग **’Digital India’** के विजन के अनुरूप है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सिस्टम के लागू होने से न केवल भ्रष्टाचार कम होगा, बल्कि सब्सिडी का पैसा भी सीधे और सही लाभार्थी तक पहुँचने की गारंटी मिलेगी।