ई-श्रम साथी ऐप: श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण की नई पहल; सीएम विष्णु देव साय ने दी बड़ी सौगात
रायपुर/अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने प्रदेश के लाखों असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हित में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज “ई-श्रम साथी” (E-Shram Sathi) मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया है। यह ऐप श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके मोबाइल पर प्रदान करने और उन्हें रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है।
“ई-श्रम साथी ऐप श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके माध्यम से श्रमिक बंधुओं को घर बैठे सरलता से रोजगार मिलेगा और ई-केवाईसी के जरिए पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शी तरीके से योजनाओं का लाभ पहुँचेगा।”
मुख्यमंत्री ने इस पहल को ‘श्रमेव जयते’ की संकल्पना को साकार करने वाला बताया है। इस ऐप के आने से अब श्रमिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
ऐप की मुख्य विशेषताएं और लाभ
1. घर बैठे रोजगार की जानकारी
श्रमिक अपनी कुशलता (Skill) के आधार पर अपने जिले और ब्लॉक में उपलब्ध रोजगार के अवसरों को खोज सकेंगे। इससे पलायन रोकने में भी मदद मिलेगी।
2. पारदर्शी ई-केवाईसी प्रक्रिया
ऐप के जरिए श्रमिक स्वयं अपना ई-केवाईसी अपडेट कर सकेंगे। इससे अपात्र लोगों की छंटनी होगी और सही लाभार्थियों तक पैसा सीधे पहुँचेगा।
3. योजनाओं का सीधा लाभ
शिक्षा, स्वास्थ्य और बीमा से जुड़ी छत्तीसगढ़ सरकार की सभी श्रमिक योजनाओं का पंजीकरण अब इसी ऐप के माध्यम से संभव होगा।
4. यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस
ऐप को बहुत ही सरल हिंदी और स्थानीय टच के साथ बनाया गया है ताकि कम पढ़े-लिखे श्रमिक भी इसे आसानी से ऑपरेट कर सकें।
श्रमिकों की सुरक्षा और सशक्तिकरण
छत्तीसगढ़ में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की एक बड़ी संख्या है। अक्सर जानकारी के अभाव में ये श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रह जाते थे। “ई-श्रम साथी” ऐप इस डिजिटल अंतर को खत्म करेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इसे अपनी 100 दिनों की कार्ययोजना और सुशासन (Good Governance) के हिस्से के रूप में प्राथमिकता दी है।
पंजीकरण की प्रक्रिया
श्रमिकों को सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से ई-श्रम साथी ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद अपने मोबाइल नंबर और आधार कार्ड के जरिए वे पंजीकरण कर सकेंगे। पंजीकरण के बाद, सरकार की ओर से समय-समय पर मिलने वाले बोनस, बीमा किस्त और बच्चों की छात्रवृत्ति का स्टेटस भी ऐप पर देखा जा सकेगा।











