Advertisement

आज का पंचांग 05 मई 2026: संकष्टी चतुर्थी व्रत का समय, राहुकाल और शुभ मुहूर्त





आज का पंचांग 05 मई 2026: संकष्टी चतुर्थी व्रत, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और नक्षत्रों की पूर्ण गणना


आज का विस्तृत पंचांग: 05 मई 2026, मंगलवार

“शुभम करोति कल्याणम, आरोग्यम धन संपदा। शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीप ज्योति नमोस्तुते॥”

रायपुर | भारतीय वैदिक ज्योतिष के अनुसार पंचांग का हमारे जीवन में अत्यंत महत्व है। पंचांग के पाँच अंग— तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण— हमें समय की सूक्ष्म गणना और शुभ-अशुभ ऊर्जाओं का ज्ञान कराते हैं। आज 05 मई 2026 को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज का दिन विशेष रूप से संकष्टी चतुर्थी (एकदंत संकष्टी चतुर्थी) के रूप में मनाया जाएगा, जो भगवान श्री गणेश को समर्पित है।

आज का विशेष मुहूर्त (At a Glance)

  • आज का व्रत: संकष्टी चतुर्थी व्रत
  • आज का वार: मंगलवार (हनुमान जी की पूजा का विशेष दिन)
  • आज का पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • आज का चंद्रोदय समय: रात्रि 10:15 बजे (स्थानुसार आंशिक परिवर्तन संभव)

1. पंचांग के मुख्य घटक (Core Components)

तिथि चतुर्थी (रात्रि 09:42 तक, उसके उपरांत पंचमी)
नक्षत्र मूल (दोपहर 01:25 तक, उसके बाद पूर्वाषाढ़ा)
योग शिव योग (सायं 04:10 तक, उसके बाद सिद्ध योग)
करण बव (प्रातः 09:15 तक), बालव (रात्रि 09:42 तक)
मास (अमान्त) वैशाख
मास (पूर्णिमान्त) ज्येष्ठ
सूर्य राशि मेष
चंद्र राशि धनु

2. सूर्योदय और चंद्रोदय का समय

सूर्योदय प्रातः 05:38 AM
सूर्यास्त सायं 06:45 PM
चंद्रोदय रात्रि 10:15 PM (05 मई)
चंद्रास्त प्रातः 08:22 AM (06 मई)

3. शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

किसी भी मांगलिक या नए कार्य की शुरुआत के लिए शुभ मुहूर्त का चयन करना उत्तम रहता है। आज के शुभ समय इस प्रकार हैं:

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj
WhatsApp Image 2026-09-30 at 04.12.35 (2)
Festive Birthday Tribute to Maharaja Singh Deo
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:45 AM से 12:38 PM तक
विजय मुहूर्त दोपहर 02:22 PM से 03:15 PM तक
अमृत काल प्रातः 07:10 AM से 08:45 AM तक
ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 04:02 AM से 04:50 AM तक

4. अशुभ समय (Inauspicious Timings)

शास्त्रों के अनुसार राहुकाल और गुलिक काल में महत्वपूर्ण कार्यों से बचना चाहिए।

राहुकाल दोपहर 03:30 PM से 05:08 PM तक
यमगण्ड प्रातः 08:54 AM से 10:33 AM तक
गुलिक काल दोपहर 12:12 PM से 01:51 PM तक
दुर्मुहूर्त प्रातः 08:15 AM से 09:08 AM तक

5. आज का धार्मिक महत्व: संकष्टी चतुर्थी

आज मंगलवार का दिन और संकष्टी चतुर्थी का संयोग बहुत ही दुर्लभ है। इसे ‘अंगारकी संकष्टी चतुर्थी’ के समान फलदायी माना जाता है।

संकष्टी चतुर्थी व्रत विधि:

  • प्रातः काल स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें।
  • दिन भर फलाहार करते हुए गणेश जी के मंत्रों का जाप करें।
  • सायं काल गणेश जी की षोडशोपचार पूजा करें और दूर्वा अर्पित करें।
  • रात्रि में चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें।

6. दिशा शूल एवं उपाय

आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा। यदि यात्रा आवश्यक हो, तो गुड़ खाकर और भगवान हनुमान का स्मरण कर घर से निकलें। मंगलवार का दिन होने के कारण सुंदरकांड का पाठ करना शत्रुओं पर विजय दिलाता है।

निष्कर्ष: आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से ऊर्जावान है। विशेषकर उन लोगों के लिए जो अपने जीवन की बाधाओं को दूर करना चाहते हैं, संकष्टी चतुर्थी का व्रत रामबाण सिद्ध होगा।

अस्वीकरण: पंचांग की गणना स्थानीय भौगोलिक स्थितियों के आधार पर भिन्न हो सकती है। सटीक जानकारी के लिए स्थानीय विद्वान ज्योतिषी से परामर्श लें।


Festive Hindi Greeting News Banner
WhatsApp Image 2026-10-16 at 21.37.34 (1)
WhatsApp Image 2026-10-18 at 17.22.08
WhatsApp Image 2026-10-16 at 12.30.57