दैनिक पंचांग: आज 7 मई 2026, गुरुवार
“ॐ बृं बृहस्पतये नमः” – आज देवगुरु बृहस्पति का दिन है।
विशेष सारांश: आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज साध्य योग और रवि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। रवि योग में किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सर्वाधिक होती है।
आज की पंचांग गणना (7 मई 2026)
| विवरण | मान / समय |
|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष पंचमी (प्रातः 10:13 तक), तत्पश्चात षष्ठी |
| दिन | गुरुवार (Guruwar) |
| नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा (शाम 06:46 तक), फिर उत्तराषाढ़ा |
| योग | साध्य योग (रात्रि 02:00, 8 मई तक), फिर शुभ |
| करण | तैतिल (प्रातः 10:13 तक), फिर गरज (रात्रि 11:20 तक) |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | ज्येष्ठ (Purnimanta) |
| विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थी) |
| शक संवत | 1948 (परावभ) |
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्योदय-सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 05:36 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:00 बजे
दिनमान: 13 घंटे 24 मिनट
चंद्रोदय-चंद्रास्त
चंद्रोदय: रात्रि 12:06 बजे (8 मई)
चंद्रास्त: प्रातः 09:26 बजे
चंद्र राशि: धनु (Dhanu)
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
आज के शुभ मुहूर्त में किसी भी नए कार्य की शुरुआत करना लाभकारी माना जाता है:
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51 से 12:45 तक (सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त)
- अमृत काल: दोपहर 01:23 से 03:11 तक
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:11 से 04:53 तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:32 से 03:25 तक
- गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:59 से 07:20 तक
अशुभ समय और वर्ज्य काल (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, निम्न समय में महत्वपूर्ण कार्य या यात्रा शुरू करने से बचना चाहिए:
- राहुकाल: दोपहर 01:58 से 03:39 तक (इस समय शुभ कार्य वर्जित हैं)
- यमगंड: प्रातः 05:36 से 07:16 तक
- गुलिक काल: प्रातः 08:57 से 10:37 तक
- दुर्मुहूर्त: प्रातः 10:04 से 10:57 तक
नक्षत्र और ग्रह स्थिति का प्रभाव
आज पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शाम 06:46 तक रहेगा। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी शुक्र है और राशि स्वामी बृहस्पति है। इस नक्षत्र में जन्मे लोग साहसी, लोकप्रिय और सत्यवादी होते हैं। इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र लगेगा जिसका स्वामी सूर्य है।
आज चंद्रमा धनु राशि में रहेंगे, जो कि ज्ञान और धर्म की राशि मानी जाती है। सूर्य मेष राशि में उच्च के होकर संचरण कर रहे हैं, जो प्रशासनिक कार्यों के लिए उत्तम है।
आज के उपाय और विशेष मंत्र
गुरुवार विशेष: आज भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा का विशेष महत्व है।
- आज विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं।
- केले के वृक्ष में जल अर्पित करें और शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
- पीले वस्त्र धारण करें और चने की दाल या केसर का दान करना अत्यंत शुभ होगा।
- मंत्र: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का 108 बार जाप करें।








