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कांकेर: एनीकट का पानी बहाने और रेत तस्करी की खबर पर प्रशासन का बड़ा खंडन, जानें सच्चाई






कांकेर: एनीकट का पानी बहाने और रेत तस्करी की खबर भ्रामक, खनिज अधिकारी ने जारी किया खंडन



कांकेर: ‘एनीकट का पानी बहाकर बनाया अवैध रास्ता’ खबर तथ्यात्मक रूप से भ्रामक, खनिज विभाग ने पेश किए तथ्य

उत्तर बस्तर कांकेर | 07 मई 2026


दैनिक समाचार पत्रों में बीते 05 एवं 06 मई को प्रकाशित खबर ‘रेत तस्करों के हौसले बुलंद, एनीकट का पानी बहाकर नदी में बनाया अवैध रास्ता’ और ‘करोड़ो की लागत से बना एनीकट सूखा’ को जिला प्रशासन ने पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया है।

जिला खनिज अधिकारी सनत साहू ने स्पष्ट किया कि चारामा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत हाराडुला में सरपंच को नियमानुसार महानदी में रेत खदान की स्वीकृति दी गई है। इस खदान से वर्ष 2025-26 में शासन को 14 लाख 22 हजार रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।

जांच में नहीं मिले अवैध उत्खनन के प्रमाण

खनिज अधिकारी ने बताया कि जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा 05 मई को मौका जांच की गई थी। जांच के दौरान निम्नलिखित तथ्य सामने आए:

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  • रेत खदान हाराडुला से उत्खनन एवं परिवहन बंद पाया गया।
  • एनीकट में पर्याप्त जलभराव होने के कारण रैम्प पानी में डूबा हुआ था।
  • एनीकट के आसपास किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन या परिवहन नहीं पाया गया।

नियमों के उल्लंघन पर की गई सख्त कार्यवाही

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध कारोबार पर लगातार सख्ती बरती जा रही है। खनिज विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:

  • पट्टा शर्तों के उल्लंघन पर 62 हजार 500 रूपए का अर्थदंड लगाया गया है।
  • अवैध भंडारण एवं परिवहन के 06 प्रकरण दर्ज कर 01 लाख 66 हजार 200 रूपए की समझौता राशि वसूल की गई है।
  • क्षेत्र की अन्य रेत खदानों में अनियमितता पाए जाने पर कुल 08 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना आरोपित किया गया है।

क्षेत्र में 12 रेत खदानें हैं स्वीकृत

वर्तमान में चारामा क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में बासनवाही, अरौद, भिरौद-2, करिहा, किलेपार, भिलाई, तांसी-2, तांसी-3, तेलगुड़ा, माहूद, हाराडुला एवं भर्रीटोला सहित कुल 12 खदानें स्वीकृत हैं। इसके साथ ही 11 स्थानों पर अस्थायी भंडारण की अनुमति दी गई है।

जिला प्रशासन ने सभी सरपंचों और संचालनकर्ताओं को कड़े निर्देश दिए हैं कि खदानों का संचालन नियमों के अधीन ही किया जाए। विभाग द्वारा इन क्षेत्रों की सतत निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।


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