कूनो में ‘प्रोजेक्ट चीता’ को नई उड़ान: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दो मादा चीतों को खुले जंगल में करेंगे मुक्त
श्योपुर: भारत के वन्यजीव संरक्षण इतिहास में आज एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सोमवार, 11 मई को श्योपुर जिले के प्रसिद्ध कूनो नेशनल पार्क में दो मादा चीतों को क्वारंटीन बाड़े से मुक्त कर खुले जंगल में छोड़ेंगे। ये चीते कूनो नदी के समीप स्थित साइट से आजाद किए जाएंगे, जो अब स्वतंत्र रूप से शिकार और विचरण कर सकेंगे।
Updateबोत्सवाना से आए मेहमानों का नया घर
फरवरी 2026 में बोत्सवाना से लाए गए 9 चीतों ने अपनी अनिवार्य क्वारंटीन अवधि सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। विशेषज्ञों की निगरानी में अनुकूलन प्रक्रिया के बाद, अब इन्हें चरणबद्ध तरीके से खुले जंगल का हिस्सा बनाया जा रहा है।
भारत में चीतों की कुल संख्या (शावकों सहित)
बोत्सवाना से आए नए चीते (फरवरी 2026)
जेनेटिक विविधता से मजबूत होगी आबादी
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, बोत्सवाना से आए इन चीतों की जेनेटिक विविधता अधिक है, जिससे कूनो में चीतों की एक स्वस्थ और दीर्घकालिक आबादी विकसित होने की प्रबल संभावना है। इन चीतों को भविष्य में गांधी सागर एवं नौरादेही (वीरांगना दुर्गावती) जैसे अन्य अभयारण्यों में भी बसाने की योजना पर काम चल रहा है।
प्रोजेक्ट चीता: एक नजर में
- 17 सितंबर 2022: नामीबिया से 8 चीते भारत लाए गए।
- वर्ष 2023: दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कूनो पहुंचे।
- फरवरी 2026: बोत्सवाना से 9 नए चीते (6 मादा, 3 नर) लाए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण भी करेंगे और ‘प्रोजेक्ट चीता’ की प्रगति की समीक्षा करेंगे। कूनो नेशनल पार्क अब न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश में पारिस्थितिकी पुनर्स्थापना का एक वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है।









