कैबिनेट की बड़ी मंजूरी: कोयला गैसीकरण से बढ़ेगी भारत की ऊर्जा सुरक्षा, पीएम मोदी ने बताया निवेश और रोजगार का नया रास्ता।






ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी क्रांति: कैबिनेट ने दी कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को मंजूरी, पीएम मोदी ने बताया आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

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आर्थिक क्रांति | ऊर्जा सुरक्षा

कैबिनेट का बड़ा फैसला: कोयला गैसीकरण परियोजनाओं से बदलेगी देश की तस्वीर, पीएम मोदी ने गिनाए इसके बड़े फायदे

नई दिल्ली/अंबिकापुर | विशेष डेस्क
मई 13, 2026 | 19:45 IST

नई दिल्ली: भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने ‘सरफेस कोल/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं’ (Surface Coal/Lignite Gasification Projects) के प्रोत्साहन की महत्वाकांक्षी योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। इस फैसले से न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि अर्थव्यवस्था में निवेश और रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।

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प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना को देश के भविष्य के लिए गेम-चेंजर बताया है। उन्होंने कहा कि यह पहल तकनीक और नवाचार (Tech and Innovation) के क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदमों का प्रतिबिंब है।

“कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई सरफेस कोल/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं के प्रोत्साहन की योजना ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देगी, निवेश को गति प्रदान करेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। यह तकनीक और नवाचार प्रणाली को मजबूत करने के हमारे प्रयासों को भी और अधिक शक्ति देगी।”
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

ऊर्जा सुरक्षा और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

इस योजना का मुख्य उद्देश्य कोयले को गैसीय रूप में परिवर्तित करना है, जिसका उपयोग उर्वरकों के उत्पादन, रसायन उद्योग और ऊर्जा के अन्य रूपों में किया जा सकता है। इससे प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता कम होगी, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में अरबों रुपये का निवेश आकर्षित होगा।

युवाओं के लिए रोजगार और नवाचार

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस क्षेत्र में विकास से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विशेष रूप से कोयला संपन्न राज्यों जैसे छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में नए उद्योगों की स्थापना होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही, यह योजना भारत के तकनीकी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

भारत सरकार का लक्ष्य 2030 तक 100 मीट्रिक टन कोयला गैसीकरण का है, और आज की कैबिनेट मंजूरी इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित होगी।

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संपादक: आशीष सिन्हा