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नीदरलैंड में भारत-नीदरलैंड आर्थिक साझेदारी को नई गति, पीएम मोदी ने CEO Roundtable में निवेश का किया आह्वान

नीदरलैंड में भारत-नीदरलैंड आर्थिक साझेदारी को नई गति, पीएम मोदी ने CEO Roundtable में निवेश का किया आह्वान

द हेग/नई दिल्ली: भारत और नीदरलैंड के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रोब जेटन के साथ द हेग में आयोजित CEO Roundtable कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों और व्यापारिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा भारत में निवेश, तकनीकी सहयोग और भविष्य की आर्थिक संभावनाओं पर व्यापक चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम के दौरान भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, निवेश के अनुकूल माहौल और सुधारवादी नीतियों को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सरकार लगातार ऐसे सुधार कर रही है जो उद्योगों एवं निवेशकों के लिए नई संभावनाएं खोल रहे हैं।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत केवल एक बड़ा बाजार नहीं बल्कि नवाचार, तकनीक और प्रतिभा का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने विदेशी कंपनियों से भारत में अपने निवेश को और बढ़ाने का आह्वान किया और कहा कि भारत का युवा वर्ग नई तकनीकों, डिजिटल इनोवेशन और वैश्विक औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

CEO Roundtable में विभिन्न क्षेत्रों पर हुई चर्चा

द हेग में आयोजित इस उच्चस्तरीय CEO Roundtable में ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, लॉजिस्टिक्स, कृषि, सेमीकंडक्टर, रक्षा, जल प्रबंधन और हेल्थकेयर जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा हुई। नीदरलैंड की कई बड़ी कंपनियों ने भारत में अपने निवेश और चल रही परियोजनाओं के बारे में जानकारी साझा की।

बैठक में शामिल उद्योगपतियों ने भारत के तेजी से विकसित होते इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और व्यापारिक सुधारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश केंद्र बन चुका है और यहां भविष्य में बड़े पैमाने पर विकास की संभावनाएं मौजूद हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार उद्योगों के लिए पारदर्शी और सरल नीतियों पर काम कर रही है। उन्होंने “मेक इन इंडिया”, “डिजिटल इंडिया”, “स्टार्टअप इंडिया” और “स्किल इंडिया” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इन पहलों के माध्यम से देश में नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

भारत की आर्थिक ताकत पर पीएम मोदी का जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक सुधारों की दिशा में कई बड़े कदम उठाए हैं। जीएसटी, डिजिटलीकरण, आधार आधारित सेवाएं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सुधारों ने भारत को एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित किया है।

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था केवल विकास दर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समावेशी विकास का मॉडल भी प्रस्तुत करती है। देश में तेजी से विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे, बंदरगाह, एयरपोर्ट और रेलवे नेटवर्क निवेशकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल लोकतंत्र है। यूपीआई, डिजिटल भुगतान और टेक्नोलॉजी आधारित सेवाओं ने देश में आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी है। उन्होंने विदेशी कंपनियों से भारत के डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने की अपील की।

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ग्रीन एनर्जी और भविष्य की तकनीकों पर विशेष फोकस

बैठक में ग्रीन एनर्जी और सतत विकास के विषय पर भी विशेष चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और ग्रीन हाइड्रोजन मिशन जैसे कार्यक्रम भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक साझेदारी को मजबूत करना चाहता है। इस दिशा में नीदरलैंड जैसे देशों के साथ सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।

नीदरलैंड की कंपनियों ने भी ग्रीन टेक्नोलॉजी, जल प्रबंधन और टिकाऊ कृषि के क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने में रुचि दिखाई। दोनों देशों के बीच तकनीकी आदान-प्रदान और संयुक्त परियोजनाओं को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई।

भारतीय युवाओं की प्रतिभा का उल्लेख

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय युवाओं की प्रतिभा और क्षमता का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। यहां का युवा वर्ग टेक्नोलॉजी, रिसर्च, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने विदेशी कंपनियों को भारत के युवाओं के साथ साझेदारी करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि भारतीय प्रतिभा वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। भारत में निवेश करने वाली कंपनियों को कुशल मानव संसाधन और तेजी से बढ़ते बाजार दोनों का लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इससे उद्योगों और स्टार्टअप्स को भी मजबूती मिलेगी।

भारत-नीदरलैंड संबंधों को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों का मानना है कि द हेग में आयोजित यह CEO Roundtable भारत और नीदरलैंड के बीच आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और निवेश सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

नीदरलैंड यूरोप में भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार माना जाता है। कृषि तकनीक, जल प्रबंधन, बंदरगाह विकास और ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच पहले से सहयोग जारी है। अब भविष्य की तकनीकों और डिजिटल सेक्टर में भी नई संभावनाएं सामने आ रही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत विश्वसनीय साझेदारियों में विश्वास करता है और वैश्विक आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत और नीदरलैंड मिलकर नवाचार, तकनीक और सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं।

वैश्विक निवेशकों के लिए भारत बना आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम में मौजूद कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भारत के व्यापारिक वातावरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत में नीति स्थिरता, डिजिटल सुधार और बड़ी उपभोक्ता आबादी निवेशकों के लिए आकर्षण का प्रमुख कारण हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत दुनिया भर के निवेशकों के लिए “विश्वसनीय, लोकतांत्रिक और विकासशील साझेदार” के रूप में उभर रहा है। उन्होंने निवेशकों को भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया।

द हेग में आयोजित CEO Roundtable केवल एक व्यापारिक बैठक नहीं बल्कि भारत और नीदरलैंड के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग का प्रतीक बनकर सामने आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री रोब जेटन की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया।

भारत की आर्थिक नीतियों, डिजिटल प्रगति, युवाओं की प्रतिभा और भविष्य की तकनीकों पर आधारित विकास मॉडल ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। आने वाले समय में भारत और नीदरलैंड के बीच व्यापारिक एवं तकनीकी साझेदारी और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।


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