ट्विशा शर्मा केस: पूर्व जज गिरिबाला सिंह पर सीबीआई का शिकंजा, संदिग्ध मौत की जांच तेज




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ट्विशा शर्मा केस: पूर्व जज गिरिबाला सिंह पर सीबीआई का शिकंजा, संदिग्ध मौत की जांच तेज

भोपाल | अपडेट: मई 2026

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब एक बेहद निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में मृतका की सास और सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह कानूनी शिकंजे में बुरी तरह फंस चुकी हैं। गुरुवार को हुई गिरफ्तारी के बाद उन्हें उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ सीबीआई की हवालात में रखा गया है।

सीबीआई के सवालों में उलझीं पूर्व जज

सीबीआई की टीम के सामने गिरिबाला सिंह पुराने बयान ही दोहरा रही हैं, लेकिन जांच एजेंसियां उन पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं।

जांच का सबसे प्रमुख केंद्र वह ‘गोल्डन आवर’ है, जो ट्विशा के फंदे से लटकने और उन्हें एम्स ले जाने के बीच का है। अधिकारियों का सीधा सवाल है कि यदि यह आत्महत्या थी, तो उनके शरीर पर 6 चोटों के निशान कैसे आए? सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फंदे से उतारने से पहले वहां क्या हुआ था।

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जांच के नए आयाम

दिल्ली से आई सीबीआई की विशेष टीम ने नई एफआईआर दर्ज करने के बाद जांच की गति तेज कर दी है। पिछले चार दिनों में एजेंसी ने कई अहम सबूत जुटाए हैं। घटना स्थल की बारीकी से पड़ताल की जा रही है और फॉरेंसिक साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है।

सहयोगियों और परिवार से पूछताछ

मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए सीबीआई ने उन सभी लोगों को तलब किया है जो घटना के समय वहां मौजूद थे। समर्थ सिंह के उस चचेरे भाई ‘स्वराज’ से भी पूछताछ की गई है, जिसने कथित तौर पर ट्विशा को फंदे से उतारने में मदद की थी। इसके अलावा, घर के घरेलू कर्मचारियों से भी घटनाक्रम को लेकर विस्तृत पूछताछ की गई है।

कानूनी स्थिति

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद से ही गिरिबाला सिंह की मुश्किलें बढ़ गई थीं। अब सीबीआई रिमांड के दौरान उनसे कड़ी पूछताछ करने की तैयारी में है। केस में दहेज हत्या, क्रूरता और साक्ष्यों को नष्ट करने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

पूरे मामले में अब सबकी निगाहें कोर्ट की कार्यवाही पर टिकी हैं, जहां सीबीआई उनकी रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है।