प्रधानमंत्री आवास योजना: जगदलपुर के मसूराम सेठिया के लिए पक्के मकान का सपना हुआ साकार
जगदलपुर, 08 जून 2026 | प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में निवासरत ग्रामीणों के लिए पक्का मकान एक सपने जैसा होता है। तोकापाल विकासखंड के ग्राम छापर भानपुरी निवासी मसूराम सेठिया के लिए भी पक्का मकान कभी एक दूर की कौड़ी था। सीमित आय और परिवार की बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच, वे वर्षों तक कच्चे मकान की तंगहाली और मौसम की मार झेलने को मजबूर थे।
संघर्ष से सफलता तक की कहानी
मसूराम सेठिया का जीवन एक एकड़ कृषि भूमि पर निर्भर है। खरीफ सीजन में धान की खेती और बाकी समय मजदूरी कर वे अपने छह सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वर्षों तक कच्चा मकान होने के कारण उन्हें बरसात में छत टपकने, दीवारों में सीलन और सर्दी-गर्मी में असुरक्षित वातावरण का सामना करना पड़ता था।
योजना ने बदला जीवन
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली सहायता राशि ने मसूराम के जीवन में नई रोशनी फैलाई है। अब उनका घर पक्का, मजबूत और सुरक्षित है। वे कहते हैं, “अब मुझे बारिश, आंधी या अन्य मौसम संबंधी परेशानियों की चिंता नहीं रहती। सुरक्षित घर ने परिवार को एक नई मानसिक शांति और सम्मान दिया है।”
परिवार की भविष्य की योजनाएं
योजना के माध्यम से मिले सहयोग के बाद, मसूराम ने अपनी बचत से घर में दो अतिरिक्त कमरे बनाने का निर्णय लिया है। वे बताते हैं, “मेरे साथ मेरा बेटा-बहू और दो नाती रहते हैं। बढ़ते परिवार के लिए स्थान की कमी महसूस हो रही थी। अब अतिरिक्त निर्माण से सभी सदस्य आरामदायक जीवन व्यतीत कर सकेंगे।”
छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण का रिकॉर्ड
मसूराम सेठिया जैसी अनेक कहानियाँ पूरे छत्तीसगढ़ में देखी जा रही हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार ने छह लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूरे कर देश में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’, ‘पीएम जनमन’ और ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ के प्रभावी समन्वय ने लाखों परिवारों को पक्की छत प्रदान की है।
मसूराम सेठिया का अनुभव केवल एक घर मिलने तक सीमित नहीं है, यह उनके परिवार की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की नींव है। शासन की इस योजना ने ग्रामीण अंचलों में जीवन स्तर सुधारने की दिशा में एक सकारात्मक और निर्णायक कदम उठाया है।
रिपोर्ट: प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क











