11वीं नीति आयोग बैठक: विकसित भारत@2047 के लिए राज्यों और केंद्र का सामूहिक संकल्प





11वीं नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल बैठक: विकसित भारत@2047 का सामूहिक संकल्प

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11वीं नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल बैठक: विकसित भारत@2047 की दिशा में सामूहिक संकल्प

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री ने आज राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की। ‘समावेशी मानव विकास’ (Inclusive Human Development for Viksit Bharat@2047) विषय पर केंद्रित यह ऐतिहासिक बैठक सहकारी संघवाद का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनी।

ऐतिहासिक भागीदारी और ‘टीम इंडिया’ का भाव

इस वर्ष की बैठक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि पहली बार देश के सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया। 5 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों और उपराज्यपालों की उपस्थिति ने इस मंच को पूर्ण रूप से ‘टीम इंडिया’ का स्वरूप दिया। प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए सहकारी संघवाद के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।

विकसित भारत@2047: चार मुख्य स्तंभ

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘समावेशी मानव विकास ढांचे’ को चार प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित करने का आग्रह किया:

  • मौलिक मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल: शिक्षा और क्षमता निर्माण पर विशेष जोर।
  • उत्पादक रोजगार और उद्यमिता: स्थानीय विकास और MSMEs को बढ़ावा देना।
  • स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण: नागरिकों के समग्र स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना।
  • न्याय और गरिमा: समाज के हर वर्ग के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना।

प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु

1. युवा शक्ति और जनसांख्यिकीय लाभांश

प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं को भारत की सबसे बड़ी संपत्ति बताया। उन्होंने कहा कि 70 करोड़ भारतीय जो 25 वर्ष से कम आयु के हैं, वे ही हमारे देश का भविष्य हैं। इन युवाओं को ‘विकास लाभांश’ (Development Dividend) में बदलने के लिए शिक्षा, कौशल और भविष्योन्मुखी प्रशिक्षण की आवश्यकता है।

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2. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भविष्य की तकनीक

उन्होंने AI को एक चुनौती के बजाय एक बड़े अवसर के रूप में देखने का आह्वान किया। राज्यों को सलाह दी गई कि वे अपने युवाओं को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करें और तकनीकी नवाचारों को अपनाएं।

3. महिला-नेतृत्व विकास

महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 3 करोड़ से 6 करोड़ लाभार्थियों तक पहुँचने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा। उन्होंने देश में ‘नारी शक्ति’ की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देने की अपील की।

4. आर्थिक निवेश और वैश्विक व्यापार समझौते

हाल ही में संपन्न हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने राज्यों से कहा कि वे अपने MSMEs को इन वैश्विक अवसरों के लिए तैयार करें। उन्होंने डेटा सेंटर और रक्षा विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की रणनीति बनाने पर बल दिया।

5. सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दे

प्रधानमंत्री ने साइबर धोखाधड़ी और ड्रग्स के बढ़ते खतरों के प्रति आगाह करते हुए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता बताई। साथ ही, अल-नीनो की स्थितियों से निपटने के लिए जल संरक्षण और प्राकृतिक/जैविक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि इस खरीफ सीजन में 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद किसानों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

आकांक्षी जिला और कृषि में नवाचार

प्रधानमंत्री ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम की सफलता को दोहराते हुए कृषि क्षेत्र के लिए ‘100 जिलों’ का एक नया मॉडल अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने राज्यों से इन लक्ष्यों की निगरानी के लिए 100-दिनों और पांच-वर्षीय रोडमैप तैयार करने को कहा है।

मुख्यमंत्रियों का रुख

सभी मुख्यमंत्रियों और प्रशासकों ने प्रधानमंत्री को उनके 12 वर्षों के सफल कार्यकाल के लिए बधाई दी। राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ पूर्ण एकजुटता प्रदर्शित की।