कबीर जयंती: कुसमी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजय पैकरा ने दी बधाई, कहा- “कबीर के विचार ही सामाजिक समरसता का आधार






कबीर जयंती: कुसमी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजय पैकरा ने दी बधाई, कहा- “कबीर के विचार ही सामाजिक समरसता का आधार”

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कबीर जयंती विशेष: कुसमी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय पैकरा ने दी बधाई, कहा— “आज के दौर में और अधिक प्रासंगिक हैं संत कबीर के संदेश”

ब्यूरो रिपोर्ट: कुसमी-बलरामपुर (छत्तीसगढ़)
दिनांक: आज की ताजा अपडेट
श्रेणी: राजनीतिक/सांस्कृतिक समाचार

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के ऊर्जावान अध्यक्ष विजय पैकरा ने आज कबीर जयंती के पावन अवसर पर संपूर्ण कुसमी क्षेत्र, बलरामपुर जिला सहित पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। इस विशेष अवसर पर उन्होंने महान संत, समाज सुधारक और कवि संत कबीरदास जी के जीवन मूल्यों को याद करते हुए समाज में प्रेम, समरसता और भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।

ब्लॉक अध्यक्ष विजय पैकरा ने अपने संदेश में कहा कि कबीरदास जी भारतीय इतिहास के एक ऐसे जाज्वल्यमान नक्षत्र हैं, जिन्होंने अपनी साखियों, सबदों और भजनों के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों, पाखंडों और ऊंच-नीच के भेदभाव पर कड़ा प्रहार किया। उनका संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा और सत्य की खोज को समर्पित था। आज जब समाज में कई प्रकार की विसंगतियां देखने को मिलती हैं, तब कबीर जी के विचार हमें एक सच्चे और नेक मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

“जात-पांत पूछे नहिं कोई, हरि को भजै सो हरि का होई”

विजय पैकरा ने कबीरदास जी के प्रसिद्ध दोहों का स्मरण करते हुए कहा कि कबीर जी ने कभी भी किसी जाति, धर्म या संप्रदाय के आधार पर मनुष्यों के बीच अंतर को स्वीकार नहीं किया। उनका स्पष्ट मानना था कि ईश्वर की भक्ति पर और इस समाज के संसाधनों पर हर एक व्यक्ति का समान अधिकार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भी सदैव इसी विचारधारा पर चलती आई है, जहां अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मुख्यधारा में लाना और समाज के हर वर्ग को समानता का अधिकार देना मुख्य लक्ष्य है।

कुसमी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि कबीरदास जी ने तत्कालीन समाज को आडंबरों से मुक्त कर एक सहज और सरल जीवन जीने का मार्ग दिखाया। उन्होंने न केवल धार्मिक सहिष्णुता की बात की, बल्कि व्यावहारिक जीवन में नैतिकता और ईमानदारी को सबसे बड़ा धर्म माना। कबीर की वाणी में जो कड़वा सच था, वह समाज को सुधारने के लिए एक कड़वी औषधि की तरह था, जिसकी आवश्यकता आज के आधुनिक समाज को भी है।

“बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।
जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।।”

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इस दोहे का संदर्भ देते हुए विजय पैकरा ने कहा कि कबीर जी ने मनुष्य को सबसे पहले अपने भीतर झांकने और अपनी कमियों को दूर करने की सीख दी। यदि हर व्यक्ति दूसरों की आलोचना करने के बजाय अपने आचरण को शुद्ध करने का प्रयास करे, तो समाज से स्वतः ही मनमुटाव, ईर्ष्या और द्वेष का अंत हो जाएगा। पैकरा ने युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया और आधुनिकता के इस दौर में कबीर के इन व्यावहारिक सिद्धांतों को आत्मसात करें ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।

कुसमी और बलरामपुर क्षेत्र में कबीरपंथ की गहरी जड़ें

छत्तीसगढ़ और विशेषकर सरगुजा संभाग सहित बलरामपुर जिले में कबीरपंथ के गहरे प्रभाव की चर्चा करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ कबीर के विचारों को जीने वाला प्रदेश है। यहां की माटी में संत कबीर के संदेश रचे-बसे हैं। कुसमी क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में रहने वाले कबीरपंथी समाज के लोग और आम नागरिक हमेशा से ही शांत, सरल और मिलनसार स्वभाव के रहे हैं। यह कबीर दास जी की ही शिक्षाओं का प्रतिफल है कि वनांचल क्षेत्रों में भी लोग आपसी प्रेम और शांति के साथ निवास करते हैं।

विजय पैकरा ने जोर देकर कहा कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कुसमी हमेशा से क्षेत्र के सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों को सहेजने के लिए प्रतिबद्ध रही है। संत कबीर दास जी की जयंती पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि हम समाज के कमजोर, शोषित और वंचित वर्गों की आवाज बनेंगे। उन्होंने कबीर साहेब के ‘सत्य’ और ‘अहिंसा’ के मार्ग को राजनीतिक और सामाजिक जीवन में भी उतारने की आवश्यकता पर बल दिया।

विजय पैकरा के संदेश के मुख्य बिंदु:

  • सामाजिक एकता: जाति और धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता को सर्वोपरि मानना ही कबीर की सच्ची पूजा है।
  • नैतिक आचरण: व्यापार, राजनीति और व्यक्तिगत जीवन में पारदर्शिता और ईमानदारी कबीरपंथ का मूल आधार है।
  • कुसमी का विकास: क्षेत्र में शांति, समरसता और आपसी भाईचारे को बनाए रखते हुए विकास के पथ पर आगे बढ़ना।
  • युवाओं को संदेश: भ्रामक और नफरत फैलाने वाली ताकतों से दूर रहकर कबीर के ‘प्रेम’ और ‘शांति’ के संदेश को फैलाएं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से समाज सेवा की अपील

कबीर जयंती के इस पावन पर्व पर कुसमी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय पैकरा ने ब्लॉक के सभी वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, सेवादल, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं से विशेष रूप से संवाद किया। उन्होंने कहा कि कबीर दास जी एक सक्रिय समाज सुधारक थे। इसलिए, कांग्रेस के हर कार्यकर्ता का कर्तव्य है कि वह कबीर जयंती के दिन केवल उत्सव न मनाए, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुने और उनके निराकरण के लिए प्रयास करे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भी कबीरपंथ के तीर्थ स्थलों के विकास और कबीर साहेब के विचारों को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए थे। वर्तमान में भी कांग्रेस संगठन कबीर के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए गरीब, किसान, मजदूर और आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ रहा है। पैकरा ने कहा कि जनसेवा ही कबीर की सबसे बड़ी भक्ति है और कांग्रेस का हर सिपाही इसी जनसेवा के मार्ग पर चलने के लिए संकल्पित है।

समस्त क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि की कामना

अपने शुभकामना संदेश के समापन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कुसमी के अध्यक्ष विजय पैकरा ने कबीर साहेब के चरणों में नमन करते हुए संपूर्ण बलरामपुर-रामानुजगंज जिले और विशेषकर कुसमी ब्लॉक के नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख, शांति और दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संत कबीर दास जी का आशीर्वाद हम सभी पर सदा बना रहेगा और उनका ज्ञान रूपी प्रकाश हमारे जीवन के अंधकार को दूर कर हमें उन्नति के मार्ग पर ले जाएगा।

इस अवसर पर कुसमी ब्लॉक के विभिन्न कांग्रेस पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से कबीर जयंती की शुभकामनाएं दी हैं और ब्लॉक अध्यक्ष विजय पैकरा के इस संदेश की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक और प्रेरणादायक बताया है।