Advertisement

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़ी सेव फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की शाखा में महिलाओं के लोन की रकम में वित्तीय अनियमितता सामने आई

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़ी सेव फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की शाखा में महिलाओं के लोन की रकम में वित्तीय अनियमितता सामने आई है। पुलिस ने 267 महिला ग्राहकों से वसूली गई 1 करोड़ 11 लाख 93 हजार 173 रुपए की राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं करने के आरोप में दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। इस पूरे मामले का खुलासा ऑडिट के दौरान हुआ। स्टेट हेड की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, इस मामले में 2 फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

पुलिस के अनुसार, कंपनी की ओर से धमधा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसमें बताया गया कि सेव फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड का सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ कॉन्ट्रैक्ट है। कंपनी बैंक की ओर से महिलाओं को लोन मुहैया कराने और उसकी किस्तों की वसूली का काम करती है।

मई 2026 में धमधा शाखा के ऑडिट के दौरान पता चला कि शाखा में पदस्थ कर्मचारियों ने ग्राहकों से वसूली गई लोन की किस्त, लोन क्लोजर की राशि और अन्य भुगतान कंपनी के खाते में जमा नहीं किए।

267 महिलाओं से वसूले गए 1.11 करोड़ जमा नहीं किए

कंपनी ने पहले कर्मचारियों को नोटिस जारी कर पूरी राशि जमा करने और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया था। लेकिन किसी भी कर्मचारी ने न तो राशि जमा की और न ही नोटिस का जवाब दिया। इसके बाद ऑडिट कराया गया, जिसमें खुलासा हुआ कि 267 महिला ग्राहकों से वसूले गए कुल 1 करोड़ 11 लाख 93 हजार 173 रुपए कंपनी के खाते में जमा ही नहीं किए गए।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.21.47

दो आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी

शिकायत की जांच के बाद धमधा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। गवाहों के बयान और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बेमेतरा जिले के साजा निवासी अनिल विश्वकर्मा (23) और दुर्ग जिले के पाटन निवासी संदीप कुमार खूंटीहरे (31) के रूप में हुई है। वहीं, मामले में नामजद पूर्व शाखा प्रबंधक रविशंकर दीवान और कर्मचारी देवव्रत कौशल फरार हैं। उनकी तलाश जारी है।

स्टेट हेड ने दर्ज कराई थी शिकायत

कंपनी के स्टेट हेड अशोक कुमार वर्मा ने शिकायत में बताया कि मई 2026 में शाखा का ऑडिट कराया गया था। शुरुआत में करीब 43 ग्राहकों के खातों में गड़बड़ी सामने आई थी। इसके बाद पूरे रिकॉर्ड की जांच करने पर मामला कहीं अधिक बड़ा निकला।

जांच में सामने आया कि शाखा प्रबंधक और कर्मचारियों ने मिलकर ग्राहकों से वसूली गई लोन की किस्त, लोन क्लोजर की रकम और अन्य भुगतान कंपनी में जमा नहीं किए।

एटीएम कार्ड और बैंकिंग जानकारी के दुरुपयोग का भी आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों में ग्राहकों के एटीएम कार्ड और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी का भी दुरुपयोग किया गया। इसके अलावा रिकॉर्ड में भी हेरफेर किए जाने के प्रमाण मिले हैं।

कंपनी का कहना है कि इस धोखाधड़ी से उसे करोड़ों रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है और उसकी साख पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM