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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस अपराधों की रोकथाम और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर जागरूकता अभियान चला रही है

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस अपराधों की रोकथाम और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर जागरूकता अभियान चला रही है। इसी कड़ी में पुलिस टीम आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल पहुंची, जहां छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा, बढ़ते साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी गई।

सबसे पहले विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया। महिला प्रधान आरक्षक रेनु मंडावी सिंह ने बताया कि आजकल साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर बच्चों और युवाओं को अपना निशाना बना रहे हैं।

उन्होंने फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से दोस्ती करने, वीडियो कॉल करने, निजी फोटो-वीडियो साझा करने और ऑनलाइन शॉपिंग, डिजिटल लेनदेन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता बड़े साइबर अपराधों से बचा सकती है।

किसी भी घटना की तुरंत दें जानकारी

सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे ने महिला-बाल सुरक्षा के संबंध में विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी तरह का बैड टच, छेड़छाड़ या अनुचित व्यवहार कभी भी छिपाना नहीं चाहिए। ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को दें।

उन्होंने अभिव्यक्ति ऐप, डायल-112, हेलो सिस्टर हेल्पलाइन नंबर 9479270533 और पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 94791-93299 की जानकारी देते हुए बताया कि बिना थाने आए भी पुलिस से सहायता, परामर्श और सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है।

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सड़क सुरक्षा नियमों की दी जानकारी

यातायात प्रभारी निरीक्षक रोहित बंजारे और उप निरीक्षक संध्या कोका ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा वाहन चलाना कानूनन प्रतिबंधित है। वहीं 16 से 18 वर्ष की आयु के किशोर निर्धारित नियमों के अनुसार बिना गियर वाले वाहन का लाइसेंस लेकर वाहन चला सकते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अभिभावकों को हमेशा हेल्मेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

बिना डर के पुलिस से करें संपर्क

डीएसपी उन्नति ठाकुर ने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या बैड टच को कभी भी सहन न करें। बिना किसी डर या संकोच के पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा सहित महिलाओं से जुड़े सभी मामलों में पुलिस संवेदनशीलता के साथ सहायता उपलब्ध कराती है। साथ ही नए कानूनों के तहत त्वरित न्याय की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी।

जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। बच्चों, महिलाओं और युवाओं को साइबर अपराधियों के तरीकों, सोशल मीडिया के जोखिमों और महिला सुरक्षा से जुड़े अधिकारों की जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुलिस समाज के हर वर्ग को जागरूक और सुरक्षित बनाने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाती रहेगी।

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