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दुर्ग पुलिस ने 112 मामलों में जब्त करीब 45 लाख रुपए कीमत की अवैध शराब को नष्ट कर दिया

दुर्ग पुलिस ने 112 मामलों में जब्त करीब 45 लाख रुपए कीमत की अवैध शराब को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई जामुल थाना परिसर में की गई। कुल 5480.082 बल्क लीटर शराब का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया। इससे थानों में फैली दुर्गंध से भी राहत मिली और शराब के दोबारा इस्तेमाल की आशंका खत्म हो गई।

यह शराब दुर्ग जिले के अलग-अलग थाना और चौकी क्षेत्रों में आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज 112 मामलों में जब्त की गई थी। न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे मानव उपयोग के लिए अनुपयुक्त घोषित किया गया और फिर नष्ट किया गया।

पुलिस के मुताबिक, जब्त शराब की कुल मात्रा 5480.082 बल्क लीटर थी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपए है। पूरी कार्रवाई सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से की गई, ताकि शराब का दोबारा कोई दुरुपयोग न हो सके।

थानों में दुर्गंध से मिली राहत

काफी समय से जब्त शराब थानों में रखी हुई थी। इससे तेज बदबू फैल रही थी और पुलिसकर्मियों के साथ-साथ शिकायत लेकर आने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही थी। इसी वजह से न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद शराब को नष्ट किया गया।

समिति की अनुमति के बाद हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश और तय नियमों के तहत की गई। पहले जब्त शराब को कलेक्टर की ओर से बनाई गई नष्टीकरण समिति के सामने रखा गया। समिति की मंजूरी मिलने के बाद तय प्रक्रिया के अनुसार शराब का निस्तारण किया गया। पूरी प्रक्रिया में संबंधित अधिकारी मौजूद रहे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

इन अधिकारियों की रही मौजूदगी

शराब नष्ट करने की कार्रवाई के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक छावनी, जामुल थाना प्रभारी, नायब तहसीलदार, आबकारी उपनिरीक्षक और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा और सभी नियमों का पालन किया गया।

दुरुपयोग रोकना था सबसे बड़ा उद्देश्य

एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य न्यायालय के आदेश का पालन करना, जब्त शराब का सुरक्षित निस्तारण करना और उसके दोबारा इस्तेमाल या अवैध बिक्री की संभावना को पूरी तरह खत्म करना था। इससे अवैध शराब के कारोबार पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।