अगले साल 7 राज्यों- उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन चुनावों में जेन-जी यानी 18 से 29 साल के मतदाता अहम भूमिका निभा सकते हैं।
इसके पीछे दो बड़ी वजहें हैं। पहली, जुलाई में दिल्ली में हुआ जेन-जी आंदोलन, जिसने युवाओं के राजनीतिक रुझान को लेकर नई बहस छेड़ी। दूसरी, बिहार के बांकीपुर और मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव के चौंकाने वाले नतीजे, जिनसे युवाओं की चुनावी भूमिका पर चर्चा तेज हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, चुनावी समीकरण में महिला, पिछड़ा, किसान और दलित जैसे वर्गों के साथ अब जेन-जी भी एक अहम वोटर ग्रुप बनता जा रहा है। इन 7 चुनावी राज्यों में करीब 22% मतदाता 18 से 29 साल की उम्र के हैं। ऐसे में युवा वोट किसी भी पार्टी के चुनावी समीकरण को बदल सकता है।

















