Advertisement

शिक्षकों की पेंशन गणना का आदेश शिक्षक विरोधी षड्यंत्र: सुरेन्द्र वर्मा का भाजपा सरकार पर हमला |






शिक्षकों की पेंशन गणना का नया आदेश शिक्षक विरोधी षड्यंत्र: सुरेन्द्र वर्मा


शिक्षकों की पेंशन गणना का नया आदेश शिक्षक विरोधी षड्यंत्र, पूर्ण पेंशन के अधिकार से वंचित कर रही सरकार: कांग्रेस

शिक्षकों के पेंशन की गणना के लिए सेवा अवधि को लेकर जारी किए गए आदेश को शिक्षक विरोधी षड्यंत्र बताते हुए प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा दिए गए पेंशन के अधिकार से वंचित करना चाहती है। पूर्ण पेंशन की पात्रता के लिए जो शर्तें तय की गई हैं, वे पूरी तरह भेदभावपूर्ण हैं।

बयान के मुख्य बिंदु:

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj
  • वर्ष 2018 के संविलियन की तिथि को सेवा की शुरुआत मानने से हजारों शिक्षक पूर्ण पेंशन से होंगे वंचित।
  • संविलियन से पहले की 8 वर्षों की सेवा को पेंशन गणना से बाहर करना नैसर्गिक न्याय के खिलाफ।
  • हाईकोर्ट बिलासपुर के पूर्व न्याय-निर्णय का उल्लंघन कर रही है भाजपा सरकार।
  • पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा का नियम संविलियन प्राप्त शिक्षकों के साथ अन्याय।

2018 से पहले की सेवा को अलग करना नैसर्गिक न्याय के खिलाफ

सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने आदेश में लिखा है कि वर्ष 2018 में संविलियन की तिथि को ही सेवा की शुरुआत माना जाएगा। इस फैसले से 2018 से पहले नियुक्त लगभग सभी शिक्षक पूर्ण पेंशन की पात्रता से बाहर हो रहे हैं। शिक्षकों का संविलियन ही पूर्व विभाग में 8 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के उपरांत किया गया था। ऐसे में संविलियन से पहले की 8 वर्षों या उससे अधिक की सेवा को पेंशन गणना से अलग करना शिक्षकों के साथ घोर अत्याचार और अन्याय है।

बिलासपुर उच्च न्यायालय के निर्णय का उल्लंघन

कांग्रेस प्रवक्ता ने रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर ने अपने पूर्व न्याय-निर्णय में यह स्पष्ट किया था कि संविलियन से पहले की सेवा को सेवानिवृत्ति के लाभ और सेवाकाल की गणना में शामिल किया जाएगा। इसके बावजूद भाजपा सरकार का यह नया निर्णय उच्च न्यायालय के फैसले के विपरीत है। सरकार गुरुजनों के सेवानिवृत्ति के अधिकारों और लाभों को कुचलने का कुत्सित प्रयास कर रही है।

33 वर्ष की अर्हक सेवा की शर्त से लाखों शिक्षक प्रभावित

सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत पूरी मासिक पेंशन के लिए 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूरी करना अनिवार्य होता है। संविलियन किए गए शिक्षकों की 2018 से पहले की सेवा को पृथक करने से अधिकांश शिक्षक इस सीमा को पूरा नहीं कर पाएंगे और उन्हें पूर्ण पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का मूल चरित्र ही कर्मचारी, शिक्षा और शिक्षक विरोधी है।


file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47