आरक्षक भर्ती परीक्षा में धांधली का आरोप, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करे सरकार: वंदना राजपूत
रायपुर, 16 अगस्त 2026: प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा भर्ती परीक्षाओं में हो रही धांधली के खिलाफ सड़कों पर उतरने को मजबूर है, लेकिन सरकार हठधर्मिता दिखाते हुए निष्पक्ष जांच कराने से बच रही है। अभ्यर्थियों द्वारा उठाई जा रही विसंगतियों को दूर न करना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि सरकार इस भ्रष्टाचार को छुपाना चाहती है।
- आरक्षक भर्ती परीक्षा में विसंगतियों और धांधली पर निष्पक्ष जांच की मांग।
- पुलिस और फॉरेस्ट भर्ती में हैदराबाद की आईटी कंपनी के माध्यम से डिजिटल सिस्टम के नाम पर हेरफेर का आरोप।
- वनरक्षक भर्ती में फिजिकल अंक, राजनांदगांव आरक्षक घोटाला और PWD इंजीनियर परीक्षा में हाईटेक नकल पर घेरा।
- UPSC पैटर्न के वादे के विपरीत PSC में विवादित नियुक्ति करने का लगाया आरोप।
सत्ता के संरक्षण में बेची जा रही हैं नौकरियां: कांग्रेस
वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि पिछले ढाई सालों में जितनी भी भर्ती परीक्षाएं आयोजित हुई हैं, लगभग सभी में धांधली उजागर हुई है। इसके बावजूद न तो किसी परीक्षा को निरस्त किया गया और न ही किसी बड़े जिम्मेदार पर ठोस कार्रवाई हुई। इससे स्पष्ट होता है कि सरकारी नौकरियों को बेचने का पूरा खेल सत्ता के संरक्षण में चल रहा है।
आईटी कंपनी और डिजिटल सिस्टम के नाम पर झांसा
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस और वन विभाग में भर्ती के दौरान डिजिटल सिस्टम का झांसा देकर हैदराबाद की एक आईटी कंपनी को षड्यंत्रपूर्वक शामिल किया गया, ताकि अपने चहेतों को लाभ पहुंचाया जा सके। ऐन वक्त पर डिजिटल सिस्टम को ऑफलाइन कर दिया गया और जब पारदर्शिता पर सवाल उठे, तो सरकार ने छोटे कर्मचारियों पर दिखावे की कार्रवाई करके पूरे मामले की लीपापोती कर दी। यही नहीं, शिकायत मिलने के बाद भी उसी कंपनी को अन्य जिलों में काम दिया गया।
वनरक्षक से लेकर PWD परीक्षा तक भ्रष्टाचार का बोलबाला
उन्होंने आगे कहा कि वनरक्षक भर्ती में शारीरिक नाप-जोख और फिजिकल अंकों में हेरफेर किया गया। राजनांदगांव पुलिस आरक्षक भर्ती घोटाला, आरआई प्रमोशन घोटाला और अब PWD इंजीनियर भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला भाजपा सरकार के कुशासन और भ्रष्टाचार का जीता-जागता प्रमाण है।
PSC के वादे पर सरकार का शुतुरमुर्गी रवैया
वंदना राजपूत ने कहा कि 2023 के चुनाव में भाजपा ने युवाओं से वादा किया था कि छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाएं UPSC के तर्ज पर होंगी। लेकिन वादा निभाने के बजाय नीट परीक्षा में धांधली के आरोपी व्यक्ति को छत्तीसगढ़ राज्य सेवा आयोग के शीर्ष पद पर बैठा दिया गया। सरकार का रवैया शुतुरमुर्ग के समान है जो समस्याओं से आंखें मूंदे बैठा है और युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है।










