PM और CM का 15 अगस्त का संबोधन निराशाजनक, युवाओं के आंदोलन को नक्सलवाद से जोड़ने पर माफी मांगें प्रधानमंत्री: दीपक बैज
रायपुर, 16 अगस्त 2026: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा लाल किला से और मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस परेड ग्राउंड से स्वतंत्रता दिवस पर दिया गया संबोधन देश और प्रदेश की जनता को निराश करने वाला था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अप्रत्यक्ष तौर पर युवाओं के आंदोलन को नक्सल विचारधारा से जोड़ा, जो देश की भावी पीढ़ी का घोर अपमान है। केंद्र सरकार निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली देने में विफल रही है और जब विरोध में युवा सड़कों पर आ रहे हैं, तो उन्हें नक्सली बताया जा रहा है। दीपक बैज ने मांग की कि प्रधानमंत्री देश की 65 प्रतिशत युवा आबादी से माफी मांगें।
- प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के 15 अगस्त के संबोधन में रोजगार, शिक्षा और विकास पर कोई विज़न नहीं।
- संसद में पारित मिनरल संशोधन अधिनियम को छत्तीसगढ़ के आर्थिक हितों के खिलाफ बताया।
- संग्रहण केंद्रों में पड़े 15 लाख मीट्रिक टन धान के सड़ने पर भ्रष्टाचार का आरोप, जांच कमेटी भेजेगी कांग्रेस।
- शिक्षकों की पेंशन गणना में 2018 के संविलियन से पहले की सेवा अवधि को जोड़ने की मांग।
मिनरल संशोधन अधिनियम छत्तीसगढ़ के हितों के खिलाफ
दीपक बैज ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा संसद के इस सत्र में पारित मिनरल संशोधन अधिनियम के तहत अब राज्य सरकारें अपने राज्य से निकलने वाले खनिजों पर उपकर (Cess) नहीं लगा सकेंगी। छत्तीसगढ़ से कोयला, बॉक्साइट, आयरन ओर जैसे कई महत्वपूर्ण खनिज निकलते हैं। अब राज्य सरकार इन खनिजों पर टैक्स नहीं ले सकेगी, जिससे भारी वित्तीय नुकसान होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह कानून बनाया गया है और कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करती है।
15 लाख मीट्रिक टन धान खुले में भीग कर सड़ रहा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर खरीदा गया लगभग 15 लाख मीट्रिक टन धान आज भी संग्रहण केंद्रों में खुले में पड़ा सड़ रहा है। सरकार ने जानबूझकर इसका निराकरण नहीं किया ताकि धान खराब होने का बहाना बनाकर भ्रष्टाचार किया जा सके। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस प्रदेश के सभी जिलों में जांच कमेटी भेजकर खुले में पड़े धान का भौतिक परीक्षण करवाएगी और जनता की कमाई को बर्बाद होने के खिलाफ आवाज उठाएगी।
शिक्षकों के संविलियन पूर्व सेवाकाल को पेंशन में जोड़ने की मांग
दीपक बैज ने राज्य सरकार द्वारा शिक्षकों की पेंशन गणना 2018 के संविलियन की तिथि से करने के फैसले को अन्यायपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस आधार पर केवल 8 वर्ष के काम को ही माना जा रहा है, जिससे 1998 से 2018 तक काम करने वाले शिक्षकों की वरिष्ठता खत्म हो रही है। हमारी स्पष्ट मांग है कि शिक्षक जिस दिन से सेवा में आए हैं, उसी दिन से उनकी सेवा अवधि मानकर पेंशन की गणना की जाए।










