बीते एक दशक में केंद्र सरकार के खाली पद करीब दोगुने हो गए। 2015 में 4.21 लाख पद खाली थे, जो 2024 में बढ़कर 8.24 लाख हो गए। कुल मंजूर पदों में रिक्तियों की हिस्सेदारी 11.5% से बढ़कर 21% हो गई। इस अवधि में केंद्र के विभिन्न विभागों में पदों की कुल मंजूर संख्या में 2.74 लाख का इजाफा हुआ। फिर भी भरे हुए पद 1.29 लाख घट गए।
सरकारी कंपनियों में करीब आधे कर्मचारी ठेके पर हैं। 2015 में ये आंकड़ा 18.6% था, जो 2025 में 49.1% हो गया। 2015 में रेलवे में कोई पद खाली नहीं था। 2024 में 2.40 लाख पद (16.2%) खाली हैं। हेल्थ में भी वेकेंसी की शून्य से 6% पहुंच गई।

















