Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने पेट्रोल पंपों के नोजल पर एथेनॉल की मात्रा लिखने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी

सुप्रीम कोर्ट ने पेट्रोल पंपों के नोजल पर एथेनॉल की मात्रा लिखने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि वे इस मामले में संबंधित सक्षम अथॉरिटी के पास जाएं। आज 31 अगस्त को कोर्ट ने ये याचिका खारिज की है।

आइए, सवाल-जवाब में समझते हैं इस पूरे मामले की वजह, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, E20 फ्यूल के फायदे-नुकसान और आम गाड़ी मालिकों पर इसका क्या असर होगा…

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj
WhatsApp Image 2026-09-30 at 04.12.35 (2)
Festive Birthday Tribute to Maharaja Singh Deo

सवाल 1. सुप्रीम कोर्ट में याचिका किस मांग को लेकर दाखिल की गई थी?

जवाब: एडवोकेट नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर केंद्र सरकार को यह निर्देश देने की मांग की थी कि देशभर के पेट्रोल पंपों की हर डिस्पेंसिंग नोजल पर अनिवार्य और एकसमान लेबलिंग की जाए। इस लेबल पर स्पष्ट रूप से लिखा हो कि बेचे जा रहे पेट्रोल में कितना प्रतिशत एथेनॉल (जैसे E20) मिलाया गया है।

Festive Hindi Greeting News Banner
WhatsApp Image 2026-10-16 at 21.37.34 (1)
WhatsApp Image 2026-10-18 at 17.22.08
WhatsApp Image 2026-10-16 at 12.30.57